नयी दिल्ली। लालच बुरी बला है। उस दिन जो ये समझ गया वो आज जिन्दा है। हम बात कर रहे हैं मध्य मेक्सिको में शुक्रवार को ईंधन की एक पाइपलाइन में भीषण आग लगने की दुर्घटना के बारे में। इस हादसे में करीब 21 लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। हिडाल्गो के गवर्नर उमर फयाद ने बताया कि त्लाहेलिलपन में हुए इस धमाके में करीब 77 अन्य लोग घायल हुए हैं।

बताया जा रहा है कि स्थानीय लोग पाइपलाइन से हो रहे रिसाव वाले स्थान पर तेल चुराने के लिए जमा थे कि तभी आग लग गई। मेक्सिको के राष्ट्रपति एंद्रेस मैनुएल लोपेज ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘त्लाहेलिलपन में पाइपलाइन में विस्फोट के बाद उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति से में काफी दुखी हूं। मैं पूरी सरकार से वहां लोगों की सहायता करने का आह्वान करता हूं।

बाल्टियों-डिब्बों में भर रहे थे फ्यूल

स्थानीय मीडिया के अनुसार, सैकड़ों लोग बाल्टियों और डिब्बों में ईंधन इकट्ठा कर भाग रहे थे। फयाद ने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि यहां से ईंधन चुराया जाता था और आग लगने के बाद अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली।''गवर्नर ने बताया कि दमकल विभाग के संघीय तथा सरकारी कर्मी और सरकारी ईंधन कंपनी ‘पेमेक्स' की एंबुलेंस पीड़ितों की सहायता करने मौके पर पहुंची।

तीन अरब डॉलर का तेल चोरी

हादसा ऐसे समय हुआ है जब मेक्सिको के राष्ट्रपति एंद्रेस मैनुएल लोपेज ईंधन चोरी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने की योजना बना रहे हैं। ‘पेमेक्स' पाइपलाइनों से ईंधन की चोरी से मेक्सिको को 2017 में तीन अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।