इन अधिकारियों की सूची में पूर्व आईएएस ओपी चौधरी का भी नाम शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पदस्थ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में 40 ऐसे आईएएस शामिल हैं, जिन्होंने आज तक अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा सरकार को नहीं दिया है। इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।



खास ये है कि इन अधिकारियों की सूची में पूर्व आईएएस ओपी चौधरी का भी नाम शामिल है, जो कुछ महीना पहले सरकारी नौकरी छोड़कर भाजपा प्रवेश कर चुनाव भी लड़ चुके हैं।

अभी ये साफ नहीं है कि चौधरी का नाम इस सूची में किस आधार पर शामिल किया गया है। ऐसी संभावना भी है कि किसी गलती से यह नाम शामिल हो गया है। चौधरी 2005 बैच के आईएएस रहे हैं। सूची में 21वें नंबर पर उनका शामिल कर लिखा गया है संपत्ति का विवरण अपूर्ण है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को हर साल अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा सामान्य प्रशासन विभाग को देने का आदेश है। राज्य में पदस्थ अधिकारी नियमित रूप से यह ब्योरा देते हैं, लेकिन समय पर जानकारी न देने पर विभाग द्वारा उन्हें अवगत करवा कर ब्योरा लिया जाता है। इस साल भी अब तक ब्योरा न देने वाले अधिकारियों के नामों की सूची सामने आई है।

ये अधिकारी शामिल हैं सूची में

अबिनाश मिश्रा, अमित अग्रवाल, अनिल टुटेजा, विपिन मांझी, बृजेश चंद्र मिश्रा, चंद्रकांत उईके, दीपक सोनी, हीरालाल नायक, इंदरजीत सिंह चंद्रवाल, जगदीश सोनकर,जयप्रकाश मौर्य, जन्मेय महोबे, जेनेवा किंडो, केडीपी राव, किरण कौशल, कुमार लाल चौहान, महादेव कावरे, मनिंदर कौर द्विवेदी, मोहम्मद कौसर अब्दुल हक, नम्रता गांधी, ओमप्रकाश चौधरी, पी. दयानंद, प्रभात मलिक, पुष्पेंद्र कुमार मीणा, राहुल देव, रजत बंसल, राजेश सिंह राणा, रानू साहू,रीतेश कुमार अग्रवाल, रोहित यादव, एस. भारतीदासन, श्रुति सिंह, एस. जयर्वधन, शहला निगार, सोनमणि वोरा, सुबोध सिंह, सुब्रत साहू, सुरेंद्र कुमार जायसवाल, टीसी महावर, उत्साह चौधरी के नाम अधिकारियों की सूची में शामिल हैं।

कई वरिष्ठ अधिकारी दे चुके ब्योरा

छत्तीसगढ़ में पदस्थ करीब 165 आईएएस अधिकारियों में शामिल कई वरिष्ठ अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं। जिन अधिकारियों के नाम ब्योरा न देने वालों की सूची में शामिल हैं, उनमेे अधिकतर कनिष्ठ या नए अधिकारी हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए संपत्ति का ब्योरा देने के निर्देश जारी कर रखे हैं।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्र सरकार के सभी विभागों, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को पूर्व में 31 जनवरी, 2018 तक सभी आईएएस अधिकारियों की अचल संपत्ति का रिटर्न (आईपीआर) दाखिल करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले डीओपीटी के 4 अप्रैल, 2011 के निर्देशानुसार तय समयसीमा के भीतर अचल संपत्ति के रिटर्न नहीं जमा करवाने वाले आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन और विदेश में तैनाती के लिए आवश्यक सतर्कता मंजूरी नहीं दी जाएगी। यह रिटर्न भरने के लिए एक ऑनलाइन मॉड्यूल भी डिजाइन किया गया है। अधिकारी रिटर्न की हार्ड कॉपी को इस मॉड्यूल पर अपलोड कर सकते हैं।