डीएनए रिपोर्ट भी मैच नहीं हुई, इसी आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषमुक्त किया



इंदौर 21 लाख रुपए की लूट के लिए जिस युवक का अपहरण कर हत्या की गई, उसका शव अब तक नहीं मिला है जबकि हत्या के आरोप में पांच आरोपी जेल में थे। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। मृतक की उम्र 18 साल की थी जबकि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में कहा था कि उसने जिस युवक का पोस्टमॉर्टम किया था उसकी उम्र 38 वर्ष थी। डीएनए रिपोर्ट भी मैच नहीं हुई। इसी आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों को दोषमुक्त किया।

21 लाख नकद और 2 लाख के गहने भी हुए थे गायब

मामला यह है कि लगभग छह साल पहले 25 जून 2012 को इंदौर के पार्श्व नाथ नगर में रहने वाला 18 वर्षीय सुधीर स्वामी लापता हो गया था। उसके दूसरे दिन 26 जून को ब्यूटी पार्लर संचालित करने वाली उसकी मां ने थाना अन्नपूर्णा में रिपोर्ट लिखाई थी कि 25 जून को वह बहन के घर गई थीं और वापस आईं तो उनका बेटा सुधीर गायब था।

युवक की मां ने यह भी कहा कि उनके घर में रखा बैग भी गायब था, जिसमें 21 लाख रुपए नकद और दो लाख रुपए की कीमत के सोने के गहने थे। बाद में धामनोद व महेश्वर क्षेत्र निवासी अर्जुन, कालू, सत्तार, इमरान, जाकिर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर कुछ रुपए धामनोद में पुलिस ने जब्त किए। तब से वे जेल में थे। पुलिस कहानी में बताया गया था कि वे सुधीर को नासिक ले गए, रुपए लूटे और हत्या कर लाश वहीं नदी किनारे फेंक दी। इस पर इंदौर पुलिस ने पांचों को युवक की हत्या, लूट व अपहरण के मामले में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया था।

दो आरोपियों को चोरी के मामले में तीन-तीन साल की सजा

बचाव पक्ष के एडवोकेट महेंद्र मौर्य के मुताबिक जो लाश पुलिस ने बरामद होना बताई थी वही मृतक की नहीं निकली थी। डीएनए रिपोर्ट में वह लाश किसी 38 वर्षीय व्यक्ति की होना पाई गई थी जबकि जिस युवक की हत्या का केस चला वह 18 साल का था। गुरुवार को एडीजे केशवमणि सिंहल ने फैसला सुनाते हुए पांचों को हत्या के मामले में बरी कर दिया। केवल दो आरोपी अर्जुन व कालू को चोरी का माल रखने के आरोप में तीन-तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई।