नयी दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई 2.0 फिल्म में अक्षय कुमार ने पक्षीराज की भूमिका अदा की है, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन (ईएमएफ) के प्रभावों से लोगों को जागरूक करता है। फिल्म में बताया गया है कि रेडिएशन के प्रभाव से पक्षियों की मौत हो रही है। फिल्म साफ संदेश देती है कि सेलफोन और टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से पक्षी काल के गाल में समा रहे हैं। इसी बीच नीदरलैंड में 5जी सर्विस की टेस्टिंग से जुड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

पक्षियों के लिए 5 जी टेस्टिंग काल बनकर आई और करीब 300 बेजुबानों की जान चली गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत में भी इस रिपोर्ट से किसी प्रकार की सीख ली जाएगी।

एक वेबसाइट की खबर के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले नीदरलैंड के शहर हेग के पार्क में कई पक्षियों की मौत हो गई। शुरुआत में लोगों ने इस खबर पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब मरने वाले पक्षियों की तादाद 300 के करीब पहुंच गई तो मीडिया का ध्यान इस पर गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि डच रेलवे स्टेशन पर 5G की टेस्टिंग की गई।

टेस्टिंग के तत्काल बाद आसपास के पक्षी पेड़ों से गिरने लगे। आसपास के तालाबों की बतखों में अजीब व्यवहार देखने को मिला। रेडिएशन से बचने के लिए वे बार-बार अपना सिर पानी में डुबोती नजर आईं। कुछ वहां से भाग गईं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डच फूड एंड कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी अथॉरिटी का कहना है कि मरे हुए पक्षियों की लैब में टेस्टिंग हो रही है।

मृत पाए गए पक्षियों में जहर के कोई निशान नहीं मिले लेकिन भारी मात्रा में आंतरिक रक्तस्राव हुआ जिसके चलते मौत हुई।