भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनन्दन के MIG 21 और पाकिस्तानी F 16 लड़ाकू विमान के बीच कश्मीर में नौशेरा के असमान पर हुई डॉग फाइट सैनिक विमानों के बीच हुई मुठभेड़ों के इतिहास में अब स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो चूका है। 90 सेकंड दोनों विमानों के बीच चले इस डॉग फाइट में विंग कमांडर अभिनन्दन ने जिस युद्ध कौशल और पराक्रम का प्रदर्शन किया उसकी तारीफ़ हवाई युद्ध के तमाम जानकार कर रहे हैं

भारतीय वायुसेना के एक अनाम अधिकारी के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के अनुसार जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में नौशेरा के आसमान पर विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान के MIG 21 और पाकिस्तान वायु सेना के F 16 विमानों के बीच डॉग फाइट सिर्फ 90 सेकंड तक चली थी। इस डॉग फाइट में भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान अपने रूस निर्मित MIG 21 पर कलाबाजियां खाते हुए अमेरिका के द्वारा पाकिस्तानी वायु सेना के F 16 विमान को मार गिराया था।

दोनों विमानों के बीच 90 सेकंड तक चले इस मुठभेड़ में बेहद पुराने हो चुके भारतीय वायुसेना के विमान MIG 21 ने चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान एफ -16 लड़ाकू को मार गिराया था. इस दौरान पाकिस्तान के F 16 लड़ाकू विमान भारतीय MIG 21 पर दो अमेरिकी AMRAAM मिसाइलें दागीं थीं. विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान ने जिस हैरतअंगेज तरीके से अपनी बरसों पुरानी तकनीक से उड़ने वाली MIG 21 विमान से अत्याधुनिक F 16 को मार गिराया था उसका जिक्र अब इतिहास की किताबों में सुनहरे अक्षरों में किया जाएगा।

AMRAAM मिसाइलों को F 16 विमानों से अपने निशाने पर बेहद सुरक्षित दूरी से दागा जा सकता है। यह मिसाइल सभी मौसमों और दिन के 24 घंटे में कभी भी अपने लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम होती हैं। बेहद उन्नत माने जाने वाले AMRAAM मिसाइलों को केवल F 16 विमानों से ही दागा जा सकता है। पाकिस्तान के F 16 द्वारा दागे गए AMRAAM मिसाइल के कुछ हिस्सों को भारत ने बरामद कर, नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में सार्वजनिक किया था। हांलाकि रक्षा विशेषग्य पाकिस्तान के द्वारा AMRAAM मिसाइलों के उपयोग को संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान के बीच F 16 विमानों के सौदा करार की शर्तों का उल्लंघन भी बता रहे हैं.

क्यों एतिहासिक है यह डॉग फाइट

बुधवार की सुबह भारतीय वायुसेना के एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWAC) को यह पता चला कि पाकिस्तान की तरफ से 12 युद्धक विमान जिसमें अमेरिका में बने एफ -16, फ्रांस निर्मित मिराज और पाकिस्तान में ही बने जेएफ -17 लड़ाकू भारतीय सीमा के भीतर दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही यह साफ़ हो गया कि पाकिस्तान ने भारत के द्वारा खैबर पख्तूनख्वा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर पर किये गए हवाई हमलों का जवाब दे दिया था।

पाकिस्तानी एयरफोर्स द्वारा भारत पर हमला होने की खबर मिलते ही अवंतीपोरा, श्रीनगर और दुसरे क्षेत्रों में तैनात भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तानी विमानों पर हमला बोल दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया, चूँकि MIG 21 विमान सबसे नजदीक मौजूद थे, पाकिस्तान की वायुसेना पर काउंटर अटैक भी इन्हीं विमानों ने किया। इस दौरान कैप्टेन अभिनंदन के MIG 21 और पाकिस्तानी F 16 विमान के बीच हुई इस डॉगफाइट को भारतीय एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWAC) और वहां मौजूद दूसरे जेट्स के पायलट्स ने भी देखा।

भारतीय MIG 21 लगभग 15000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था जबकि इस दौरान पाकिस्तानी एफ -16 युद्धक विमान लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। भारतीय MIG 21 ने अपने प्रतिद्वंदी F16 पर बेहतर निशाना लगाने के लिए नीचे गोता लगाना शुरू किया। पाकिस्तानी पायलट ने अपने F 16 को भारतीय MIG 21 विमान के हमले से बचाने की कोशिश की और उसे लेकर आसमान में लगभग 26000 फीट की ऊंचाई तक चला गया।

इस समय तक MIG 21 उड़ा रहे विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान अपने विमान पर कलाबाजियां खाते हुए पाकिस्तानी F 16 के पीछे आ गए. F 16 पर हमले के लिए यह बेहतरीन पोजीशन थी लेकिन पायलट ने अधिकतम प्रभाव से हमला करने के लिए 60 डिग्री का कोण बनाया और अपने टारगेट को लॉक कर अपने MIG 21 से रूस निर्मित वायम्पेल R-73 (NATO नाम AA-11 आर्चर) मिसाइल दाग दी। इससे पहले कि MIG 21 से दागा हुआ आर -73 मिसाइल अपने लक्ष्य F-16 से टकराता, पाकिस्तानी F 16 से दागा गया मिसाइल भारतीय मिग -21 से टकरा गया. अधिकारी के अनुसार ' इसके बाद MIG-21 की ओर से कोई रेडियो सन्देश नहीं मिला।'

रूस ने MIG-21 को 1960 के दशक में शीत युद्ध के दौरान डिजाइन और विकसित किया था. बुधवार को पाकिस्तानी F 16 को मार गिराने वाला MIG- 21 1980 के दशक में भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ था. हांलाकि MIG 21 का आधुनिकीकरण भी किया गया लेकिन उसके मूल डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया। जानकार कहते हैं, 1980 में बने एक MIG 21 से F-16 जैसे चौथी पीढ़ी के अत्याधुनिक फाइटर जेट को मार गिराने के लिए असाधारण युद्धकौशल की ज़रूरत होगी. भारतीय वायुसेना के साथ एक परीक्षण पायलट कहते हैं “यह किसी कार रेस में एक मारुति -800 कार से किसी बीएमडब्ल्यू कार को हराने जैसा है.”