तनवीर आलम

जशपुर। छत्तीसगढ़ शासन की नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के तहत जशपुर जिले में प्रथम चरण में 65 गौठानों का निर्माण किया जा रहा है। डे-शेल्टर के रूप में निर्मित इन गौठानों में आने वाले पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था को सके। इसका ध्यान रखते हुए सभी गौठानों से लगे चारागाह में मक्का बाजरा की बुवाई के अलावा अफ्रीका का नेपियर घास भी उगाया जा रहा है।

जिले में कुल 427 ग्राम पंचायतें हैं। नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 65 ग्राम पंचायतों को गौठान के लिए चयनित करने के बाद यहां गौठानों के विकास के साथ-साथ चारागाह और जल प्रबंध के भी उपाय किए जा रहे हैं। 65 गौठानों में आने वाले कुल 32,717 पशुओं के चारागाह विकास के लिए 642 एकड़ भूमि चुनी गई है। इस भूमि की जुताई करने के बाद यहां हरे चारे की बुवाई और नेपियर घास लगाए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। चारागाह विकास का यह काम मनरेगा के तहत किया जा रहा है।

जशपुर जिले की मॉडल गौठान पोरतेंगा, दुलदुला एवं जोरातराई में चारागाह प्रबंध समिति एवं ग्रामीणों द्वारा नेपियर घास उगाया गया। कुनकुरी विधायक यू.डी.मिंज की विशेष मौजूदगी में बीते दिनों दुलदुला के मॉडल गौठान में नेपियर घास के रोपण के साथ ही वहां फलदार पौधों का रोपण शुरू हुआ। इस अवसर पर विधायक यू.डी.मिंज ने कहा कि- ‘छत्तीसगढ़ शासन की नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना है। इसको अपनाकर हम खेती एवं पशुधन को बेहतर बना सकते है।’