रायपुर। देश भर में एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या में कमी आई है, वहीं छत्तीसगढ़ के भी स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यहां भी कमी आई है। दूसरी तरफ इसके जागरूकता के लिए काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि यहां एचआईवी रोगियों की संख्या बढ़ी है।

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के उपसंचालक डॉ.एस.के. बिंझवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2003 से अब तक एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या 31,000 है। जिसमें से 15,800 को 5 एआरटी सेंटर्स में ईलाज मुहैया कराया जा रहा है।

वहीं, दूसरी ओर एड्स के प्रति जागरूकता के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता (छत्तीसगढ़) रिंकी अरोरा का कहना है कि छत्तीसगढ़ में एड्स के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ी है। उनका कहना है कि एआरटी सेंटर में NACO  द्वारा मरीजों को एड्स की दवाइयां तो दी जा रही हैं,  लेकिन अवसरवादी संक्रमण से रोकथाम के लिए किसी भी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध नहीं है।

मिलेनियम डेवलपमेंट गोल इंडिया कंट्री रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2007 से 2015 के दौरान एड्स से होने वाली मौतों में 40 से 47 फीसदी की कमी आई है। आंकड़े बताते हैं कि देश भर के 11 राज्य में 18 से 24 वर्ष की गर्भवती महिलाओं में एचआईवी का संक्रमण बढ़ा है,  जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है।