देश ने पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार को बहुमत दिया है। सरकार बन चुकी है काम काज हो रहा है। 3 जून की तारीख को खबर आई कि भारतीय वायुसेना का विमान एएन-32 असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद लापता हो गया ।भारतीय सेना के प्रवक्ता विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने कहा कि विमान में चालक दल के आठ सदस्यों समेत 13 लोग सवार थे और सभी वायुसेना से जुड़े थे । प्रवक्ता ने बताया कि विमान ने जोरहाट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर अरुणाचल प्रदेश के मेचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी. लेकिन कुछ समय के बाद विमान का संपर्क टूट गया। विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी से आखिरी संपर्क दोपहर एक बजे हुआ था । 


जब इस लेख को लिखा जा रहा है तारीखें बदल गईं हैं 5 जून खत्‍म होने को है, मीडिया में इस विमान के न मिलने की औपचारिक खबरों के अलावा कुछ नहीं है। फेसबुक पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जून की बैठक के बाद राज्‍यपालों से मुलाकात और फिर 5 जून को भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लिखा है गुडलक टीम इंडिया ।


वायुसेना के प्रति देश के लोगों और राजनेताओं में अटूट प्रेम चुनावों के पहले देखने को मिला था। अब जो हाल है मानों जो सैनिक और विमान खोया है अपने देश का ही न हो, बहुतों को इस बारे में पता भी नहीं और सोशल मीडिया से भी ये मुद्दा तकरीबन गायब है। कुछ लोग कह रहे हैं कि अब चुनाव नहीं है, इसलिए इतने बड़े विषय पर नीरसता है।


अपनी जीत के खुमार और हार की हताशा में डूबे राजनेताओं को छोड़ें तो प्रश्‍न ये भी है कि 26 जनवरी को राजपथ पर दिखने वाली सैन्‍य शक्ति क्‍या देखने और दिखाने भर के लिए है ?
क्‍या इतने दिनों तक दुनिया की सर्वश्रेष्‍ठ वायुसेनाओं में शुमार भारतीय वायुसेना का विमान लापता रह सकता है ? 
किसी मीडिया चैनल के पास इस बात की फुर्सत नहीं कि लापता सैनिकों के घरवालों का हाल ले लें ?
खैर उनकी मजबूरियां देश के लोग भी समझने लगे हैं। इन सवालों के बादलों में जवाबदारों की जवाबदारी और हमारी देशभक्‍ती का रडार भी फेल होता दिख रहा है।