रायपुर । छत्‍तीसगढ़ में अमेजिंग चीजों की कोई कमी नहीं है। इस रिपोर्ट में जानिए एक ऐसे ढ़ाबे के बारे में जो 5 लाख का सालाना सैलेरी पैकेज अपने कुक को देता है। हर दिन यहां 2 से 3 लाख रूपए की सेल होती है इतना ही नहीं। ये ढ़ाबा कभी बंद नहीं होता। तीन शिफ्टों में यहां काम चलता रहता है।

ये है कांकेर का माकड़ी ढ़ाबा। 60 दशक में माकड़ी ढाबे की शुरूआत एक झोपड़ी और तीन कर्मचारियों से हुई थी अब यहां 75 लोगों की टीम काम करती है। देखें और भी दिलचस्‍प बातें वीडियो में