बिलासपुर। छजाकं अध्यक्ष अमित जोगी जमानत मिलने के बाद आज गोरखपुर उपजेल से बाहर आ गये। पत्नी ऋचा जोगी ने अमित जोगी का तिलक लगाकर और उतारकर अमित जोगी का स्वागत किया। जेल से छूटते ही अमित जोगी ने फिर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशान साधा। अमित जोगी ने जमानत मिलने के बाद कहा कि न्याय की एक बार फिर जीत हुई हैमैं न्यायपालिका का आभार व्यक्त करता हूंआज यह सिद्ध हो गया कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज नहीं, जंगल राज चलता है।

अमित ने कहा कि  मैं मुख्यमंत्री जी के उन संदेशों को ध्यान रखूंगा जिन्होंने कहा था कि, गांधी जी ने अपनी जेल यात्राओं को हताशा के अंधेरों में डूबने नहीं दिया बल्कि वहां से संघर्ष का बिगुल फूंकते हुए बाहर आए। मैं अब मेरा अहित चाहने वालो को आगाह करता हूं कि लड़ाई की शुरुआत उन्होंने की है, अंत छत्तीसगढ़ की जनता के आशीर्वाद से हम करेंगे।

मेरे पिता अजीत जोगी मुझसे जब मिले मुझसे कहा की शेर से ज्यादा प्रभावशाली घायल शेर होता है। मैं अपने माता-पिता एवं पत्नी का आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही परिवाररूपी पार्टी से जुड़े एक-एक व्यक्ति का हृदय से आभारी हूं जिन्होंने  जेलयात्रा के इन दिनों में मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया मैं अपने वकीलों एवं डॉक्टरों का भी धन्यवाद दूँगा हूं, जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बाद भी मुझे स्वस्थ रखने एवं स्वतंत्र करने में मेरी सहायता की। अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य होगा जहां शासकीय सेवकों को खुली छूट देकर तंत्र दुरुपयोग होने दिया जा रहा है। जहां गोडसे मानसिकता के व्यक्ति को महाधिवक्ता जैसे पद पर बैठा दिया जाता है, जहाँ मुख्यमंत्री का विरोध करने वाले को पुलिस का दुरुपयोग कर जेल भेजा जाता है। खुद को गांधीवादी बताने में शर्म आनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गिरफ़्तारी के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अवमानना कार्यवाही का प्रकरण चलाया जाएगा.. ताकि भविष्य में इस प्रकार राजनेतिक दबाव एवं द्वेष के कारण पुलिसतंत्र का दुरुपयोग ना हो सके। असत्य चाहे कितना ही बड़ा क्यों ना हो सत्य के वीर सेनानी के सामने बौना साबित होता है, आखिर सत्य की विजय हुई।