नई दिल्ली आज लेव लैन्डाउ का 111वां बर्थडे सेलब्रेट किया जा रहा है। गूगल ने आज एक खास डूडल बनाया है। गूगल ने यह डूडल बनाकर भौतिकशास्त्री लेव लैन्डाउ सोवियत के भौतिकशास्त्री का जन्मदिन मनाया जा रहा है। इन्होंने 20वीं सदी के दौरान भौतिकी में कई महत्वपूर्ण खोजें की हैं। इनका जन्म 22 जनवरी 1908 को बाकू (अजरबैजान) में हुआ था। वह गणित और विज्ञान में बहुत तेज थे। लेव लैन्डाउ के पिता ऑयल फर्म में इंजिनियर थे, जबकि उनकी मां डॉक्टर थीं। 


अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद लेव लैन्डाउ ने लेनिनग्राड यूनिवर्सिटी का फिजिक्स डिपार्टमेंट ज्वाइन किया। वहां सिर्फ 18 साल की उम्र उनका पहला पेपर पब्लिश हुआ। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी Ph.D. पूरी की। लैन्डाउ को रॉकफेलर फेलोशिप और सोवियत स्टाइपेंड मिला, जिससे उन्हें ज्यूरिख, कैंब्रिज और कोपेनहेगन में रिसर्च फैसिलिटी देखने का मौका मिला। साथ ही, उन्हें नोबेल अवॉर्ड हासिल करने वाले नील्स बोर के साथ पढ़ने का मौका मिला। 

लैन्डाउ ने क्वांटम मैकनिक्स में डेन्सिटी मैट्रिक्स मेथड, थिअरी ऑफ सेकंड ऑर्डर फेज ट्रैन्ज़िशन, थिअरी ऑफ फर्मी लिक्विड को-डिस्कवर्ड कीं। वह यूक्रेनियन फिजिको टेक्निकल इंस्टीट्यूट में थिअरेटिकल डिपार्टमेंट के हेड भी थे। वह मॉस्को में थिअरेटिकल डिपार्टमेंट ऑफ इंस्टीट्यूट ऑफर फिजिकल प्रॉब्लम्स ऑफ एकेडमी ऑफ साइंसेज में भी रहे। 1961 में उन्हें मैक्स प्लैन्क मेडल और फ्रिट्ज लंदन प्राइज मिला। लेव लैन्डाउ को 1962 में फिजिक्स में नोबेल प्राइज मिला। 1 अप्रैल 1968 को रूस में इनकी मृत्यु हो गयी