बस्तर

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शनिवार 9 मार्च को जिला न्यायालय परिसर जगदलपुर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश न्यायाधिपति अजय कुमार त्रिपाठी सवेरे 10 बजे इस लोक अदालत का शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद कुमार गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जगदलपुर के अध्यक्ष अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि 9 मार्च को तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक एक साथ नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नेशनल लोक अदालत में बिना विवाद के निराकरण होता है। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह से होने के कारण दोनों पक्षों में वैमनस्यता समाप्त हो जाती है और यह निर्णय अंतिम होता है, जिसकी कोई अपील नहीं होती। व्यवहार प्रकरणों में न्याय शुल्क की भी वापसी हो जाती है।

श्री वर्मा ने बताया कि 9 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत में निराकरण के लिए बस्तर जिले से अब तक 778 प्रकरणों का चिन्हांकन किया गया है। इसमें 213 आपराधिक प्रकरण, 41 व्यवहार प्रकरण, 132 मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, 138 नि.ई. एक्ट के 297 प्रकरण, पारिवारिक विवाद के 54 प्रकरण, श्रम विवाद के 32 प्रकरण तथा जनोपयोगी सेवाओं के 9 प्रकरण शामिल हैं। इसी तरह विवाद पूर्व प्रकरणों के निराकरण किये जाने हेतु बैंको द्वारा वसूली के 2011, विद्युत विभाग के 182, जलकर के 26, बीएसएनएल के 200 प्रकरण और महेन्द्रा फाइनेंस कम्पनी के 10 प्रकरण, इस तरह कुल 2429 प्री-लिटिगेशन प्रकरण निराकरण के लिए रखे गये हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा इस वर्ष 9 मार्च के अलावा 13 जुलाई 2019, 14 सितम्बर 2019 तथा 14 दिसम्बर 2019 को नेशनल लोक अदालत के लिए तिथि निर्धारित की गई है।

जिला न्यायाधीश श्री वर्मा ने बताया कि गत वर्ष 2018-19 में आपसी समझौते के आधार पर 504 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर जिले में लगभग 3500-4000 प्रकरण लंबित रहते हैं और प्रत्येक लोक अदालत के माध्यम से लगभग 100 प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। श्री वर्मा ने लोक अदालत की उपयोगिता और महत्ता के संबंध में आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए संचार माध्यमों से सहयोग की अपील की है। नेशनल लोक अदालत के संबंध में आज जिला न्यायालय के मध्यस्ता कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रथम अपर जिला न्यायाधीश डी.एन.भगत, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश सतीश जायसवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अच्छे लाल काछी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिषेक शर्मा, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ संजय सिंह और सचिव जिला अधिवक्ता संघ एल.ईश्वर उपस्थित थे।

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शनिवार को लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के धुरागांव में शनिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। यहां उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने नवदम्पितयों को आर्शीवाद दिया। चित्रकोट विधायक दीपक बैज, बीजापुर विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन, जनपद पंचायत लोहण्डीगुड़ा की अध्यक्ष मालती बैज, जिला पंचायत सदस्य बालो बघेल, जिला वनोपज सहकारी यूनियन की अध्यक्ष प्रिया मुचाकी, जनपद उपाध्यक्ष  ललित पाण्डे, जनपद सदस्य फूलो कश्यप, सरपंच पतीलाल, जिला वनोपज सहकारी यूनियन के राज्य प्रतिनिधि कपूर बिसाई, मुख्य वन संरक्षक बीपी नोन्हारे, जगदलपुर वन मंडल के वन मंडलाधिकारी एस जगदीशन, सुकमा वन मंडल के वनमंडलाधिकारी केआर बढ़ई, बीजापुर वन मंडल के वन मंडलाधिकारी गुरुनाथन, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद प्रकाश किसपोट्टा, जिला महिला बाल विकास अधिकारी शैल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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सीबीएसई 12वीं का अंग्रेजी पेपर नहीं दे पाया छात्र विकास, परिजनों ने लगाई गुहार लेकिन प्राचार्य एक भी नहीं सुनी बात

संतोष ठाकुर

जगदलपुर। केंद्रीय विद्यालय जगदलपुर में शनिवार को 12वीं सीबीएसई के पहली परीक्षा में एक छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गया। उसे सिर्फ इसलिए परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया क्‍योंकि वह 15 मिनट लेट से स्‍कूल पहुंचा। प्राचार्य ने नए नियम का हवाला देते हुए उसे बाहर कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही छात्र के परिजनों ने स्‍कूल पहुंचकर छात्र को परीक्षा में बैठाने की गुहार लगाई, इसके बाद भी प्राचार्य अपने फैसले पर अड़े रहे।

परीक्षा से वंचित छात्र विकास ने बताया कि वह आदेश्वर अकादमी में 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। शनिवार को अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए वह घर से निकला था। बीच रास्‍ते में वाहन खराब होने के कारण वह परीक्षा केंद्र 15 मिनट लेट पहुंचा। उसे स्‍कूल के क्‍लास में बनाए गए परीक्षा केंद्र में पहुंचते 5 मिनट और लग गए। 10.20 में स्‍कूल पहुंचने पर प्राचार्य ने उसे विलंब होने की बात कहते हुए परीक्षा में बैठने से मना कर दिया।

10 बजे तक कक्षा में बैठना अनिवार्य : प्राचार्य

प्राचार्य विकास गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष सीबीएसईबी ने नए नियम बनाए हैं। इसमें 10 बजे तक छात्रों को कक्षा में बैठना है। अगर लेट होता है तो उसे परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया जाता है। छात्रों को दी गए एडमिट कार्ड में भी इस बात को बताया गया है कि 10 बजे तक छात्रों को अपने कक्षा में बैठ जाना है।

डीईओ ने कहा- सीबीएसई के नियमों की जानकारी नहीं

जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने बताया कि अगर सीजी परीक्षा में कोई छात्र आधा घंटा विलंब से भी पहुंचता है तो उसे बैठने दे दिया जाएगा, लेकिन सीबीएसई के नियमों की जानकारी नहीं है। देखने के बाद ही उस पर कुछ बताया जा सकेगा।

विलंब के जिम्‍मेदार सिर्फ छात्र

जिले की कोऑर्डिनेटर मनीषा सिंह का कहना है कि बच्चों को जो एडमिट कार्ड दिया गया है, उसमें साफ तौर पर लिखा है कि बच्चों को नियम के तहत 10 बजे के पहले परीक्षा हॉल में पहुंचना है। अगर वह विलंब होते हैं तो इसके जिम्मेदार वे खुद होते हैं, उन्हें परीक्षा में बैठने से फिर वंचित कर दिया जाएगा।

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