रायपुर। बेमेतरा के जिला अस्‍पताल में लगभग सप्‍ताह भर पहले हुई डॉक्‍टर और डीएसपी के बीच की घटना एक बार फिर तूल पकड़ती दिख रही है। जिला अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जहां पैरेलल ओपीडी चलाने की तैयारी कर रखी है, तो दूसरी तरफ डीएसपी का कहना है, कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं, फिर भी विधिवत कार्रवाई की गई है। यह मामला इसलिए भी तूल भी पकड़ता दिख रहा है, क्‍योंकि बेमेतरा नगर पालिका अध्‍यक्ष समेत वहां के नागरिकों ने कलेक्‍टर को पत्र लिखकर जिला अस्‍पताल के डॉक्‍टरों के खिलाफ शिकायत की है, कि दरअसल डॉक्‍टरों का बर्ताव ही मरीजों और आम जनता के साथ सही नहीं रहता। 

गौरतलब है, कि बेमेतरा के जिला अस्‍पताल में पदस्‍थ डॉ अनामिका मिंज ने महिला डीएसपी लितेश सिंह पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाए थे। उन्‍होंने इस बाबत रिपोर्ट भी कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद से प्रदेशभर के डॉक्‍टर एकजुट हो गए और उन्‍होंने डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।



इधर, जिस डीएसपी लितेश सिंह की बात हो रही है, वे इस समय बैकुंठपुर में पदस्‍थ हैं और वे अवकाश पर अपने गृहनगर बेमेतरा आई थीं। डीएसपी लितेश कहती हैं- ‘मैं अपने बुजुर्ग पिता के उपचार के लिए उन्‍हें लेकर जिला अस्‍पताल गई थी। मैं वहां एक डीएसपी के तौर पर नहीं, बल्कि एक आम नागरिक की तरह पहुंची थी और कैजुअल्‍टी में पिताजी को साथ लेकर डॉक्‍टर का इंतजार कर रही थी। न तो मैंने डॉक्‍टर से मारपीट की थी, न ही अभद्र व्‍यवहार किया था। हां, डॉक्‍टर के अभद्र व्‍यवहार का विरोध जरूर किया था। इसके बावजूद मेरे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हालांकि पुलिस की कार्रवाई में भी मैंने सहयोग किया। मुझे अरेस्‍ट किया गया और मैंने जमानत ली।’

डीएसपी ने आगे यह भी कहा- ‘ उस दिन जो कुछ भी हुआ, उसकी सच्‍चाई जाने बिना लोग किसी भी निष्‍कर्ष पर पहुंच रहे हैं, यह बेहद हैरान करने वाली बात है। सबसे पहले अभद्रता किसने की, और क्‍यों की, इस बात को जानने-समझने की कोशिश आखिर क्‍यों नहीं की जा रही है। हालांकि मैंने कोई गलती नहीं की। मारपीट और गाली-गलौज तो मैंने बिल्‍कुल भी नहीं की। इसलिए मुझे विधिसम्‍मत हर कार्यवाही का सामना करने में कोई हिचक या डर नहीं है। मामला अदालत में है। मुझे अदालत पर यकीन है।’ 

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आपको बता दें, कल ही बेमेतरा जिला अस्‍पताल के डॉक्‍टरों डॉ अनामिका मिंज, डॉ ज्‍योति जसाथी, डॉ बुधेश्‍वर वर्मा, डॉ वीके ताम्रकार, डॉ समता रंगारी, डॉ इंदिरा कुजूर आदि ने संयुक्‍त पत्र लिखकर डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए घटना के विरोध स्‍वरूप पैरेलल ओपीडी संचालित करने की सूचना दी है। तकरीबन इसकी तैयारी भी कर ली गई है।

दूसरी तरफ, बेमेतरा के नगर पालिका अध्‍यक्ष समेत कुछ अन्‍य नागरिकों ने जिला कलेक्‍टर को पत्र लिखकर कहा है कि जिला अस्‍पताल की डॉक्‍टर अनामिका मिंज समेत अन्‍य डॉक्‍टरों का बर्ताव मरीजों और उनके परिजनों के साथ सही नहीं रहता। आम नागरिकों के साथ अभद्रता पहले भी हो चुकी है, इसलिए डॉक्‍टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में The Voices ने जब बेमेतरा कलेक्‍टर एमडी कावरे से बातचीत की, तो उन्‍होंने बताया कि मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट मंगाई गई है। डॉक्‍टरों के बर्ताव संबंधी शिकायत पर वे जांच करेंगे। उस जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।

इधर, राजधानी रायपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा जारी है। पहले भी आईएमए ने डॉक्‍टर का समर्थन किया था, अब भी डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।