नई दिल्ली। भजन सम्राट विनोद अग्रवाल ने मथुरा के नयति अस्पताल में मंगलवार की सुबह 4 बजे अंतिम सांस ली। वे नयति में दो दिन से भर्ती थे। नयति की डायरेक्टर शिवानी शर्मा ने बताया कि एक-एक करके उनके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। रविवार की सुबह सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें नयति अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनका वहीं इलाज चल रहा था।

विनोद अग्रवाल का जन्म 6 जून 1955 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय किशननंद अग्रवाल और मां स्वर्गीय रत्नदेवी अग्रवाल को भगवान कृष्ण और राधा पर अटूट विश्वास था।1962 में माता-पिता और भाई-बहनों के साथ वो दिल्ली से मुंबई चले गए। महज 12 वर्ष की आयु में उन्होंने भजन गायन और हार्मोनियम बजाना सीख लिया। उनके भजन देश में ही नहीं विदेशों में भी सुनते जाते हैं।