नई दिल्ली। रामपाल को हत्या के दो मामलों में हिसार की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। ये अहम फैसला सुनाने के लिए हिसार जेल में ही अदालत लगाई गई थी, जहां जज ने अपना फैसला सुनाया है। रामपाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट की कार्यवाही जेल में ही पूरी की गई। कोर्ट के फैसले से पहले हरियाणा के हिसार शहर को किले में तब्दील कर दिया गया है। किसी भी संभावित बवाल, हिंसा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। हिसार जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है। अदालत के चारों ओर तीन किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इस सुरक्षा घेरे को भेदकर कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा।

क्या है मामला

रामपाल पर हो रही सुनवाई का मामला 2014 का है. 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम में हुए हंगामे की वजह से 1 बच्चे और 5 महिलाओं की मौत हुई थी. इस केस में रामपाल और उनके 14 साथियों को आरोपी बनाया गया था.