रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास कार्यालय में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गय कि फिलहाल प्रदेश में स्कूल नहीं खोले जाएंगे। इस बार राज्योत्सव का कार्यक्रम भी नहीं होगा। इसके आलावा उद्योग और आदिवासियों को लेकर भी कई बड़े फैसले इस कैबिनेट मीटिंग में लिए गए।

इस मुद्दों पर हुए कुछ अहम निर्णय 

1-  छत्तीसगढ राज्य औषधि पादप बोर्ड को पुर्नभाषित कर छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नाम से पुर्नगठित करने का निर्णय लिया गया। 

2-छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन (अपील एवं अन्य प्रावधान) प्रस्ताव  का अनुमोदन किया गया। इससे  बंद पड़ी इकाईयों से भूखंड का आधिपत्य वापस प्राप्त कर नए आवेदकों को आबंटन किया जा सकेगा। 

3- औद्योगिक नीति 2019 -24 के तहत  बायोएथनाल हेतु एमओयू हस्ताक्षरित कर 6 माह के अंदर ईकाई के उत्पादन में आने पर विशेष अर्ली बर्ड इंशेटिव देने के प्रावधान किया गया था। उद्योगों को लीज पर दी गई भूमि में उद्योग लगाने के लिए निर्धारित अवधि में एक वर्ष की वृद्धि की गई ।  

4-  औद्योगिक नीति 2019-24 में अनुसूचित जनजाति/जाति वर्ग तथा स्टार्टअप के लिए स्पेशल पैकेज घोषित किया गया है। सूक्ष्म उद्योगों के साथ- साथ लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी स्थाई पूंजी निवेश अनुदान की सुविधा मिलेगी। कोर सेक्टर के उद्योगों को पूरे राज्य में विद्युत छूट की पात्रता दी गई है। 

5-  इस्पात (स्पांज आयरन एण्ड स्टील) क्षेत्र के मेगा/अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। मेगा निवेषकों के लिए घोषित किए गए पैकेज में अधितम 500 करोड़ रूपए तक का निवेष प्रोत्साहन (बस्तर संभाग हेतु 1000 करोड़ तक) मान्य होगा। प्रस्तावित इकाईयों के लिए 31 अक्टूबर 2024 को अथवा उसके पूर्व व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ करना जरूरी होगा। 100 करोड़ रूपए का स्थाई पूंजी निवेश मद में निवेश कर व्यावसायिक उत्पादन आरंभ करने वाली नवीन इकाईयों को आर्थिक निवेश प्रोत्साहन तभी प्राप्त होगा।

6- छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना की सभी चार योजनाएं 31 अक्टूबर 2024 तक लागू करने, राज्य स्तरीय अपीलीय फोरम के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।  स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टर के उद्योगों के लिए विशेष पैकेज घोषित। क्षेत्रवार छूट 60 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक देय होगी। 

7- छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन - वन विभाग का नाम संशोधित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

8- अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण निधि- नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।  

9- मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण का गठन एवं निधि नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस प्राधिकरण के गठन का उद्देश शिक्षा स्वास्थ्य एवं आवागमन से संबंधित संरचनाओं के रख रखाव एवं उन्नययन संबंधी कार्यो के वित्त पोषण की पूर्ति है। 

मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के दो उपाध्यक्ष होंगे जो विधायकगण में से नामांकित होंगे।  राज्य मंत्रीमंडल के समस्त मंत्रीगण, मुख्य सचिव, सचिव वित्त , सामान्य प्रशासन विभाग इसके सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव /सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। राज्य शासन द्वारा इस प्राधिकरण में पांच सदस्य, माननीय विधायक /समाज सेवी व विशेषज्ञ वर्ग से लिए जाएंगे।  

10 - छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कोरोना संकट काल को देखते हुए वृहद कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा, सिर्फ राज्य अलंकरण समारोह मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयेाजित होगा। 

11-यात्री वाहनों के माह सितंबर एवं अक्टूबर 2020 के देय मासिक कर में छूट शर्तों के अधीन दिए जाने का निणर्य लिया गया। अंतर्राज्यीय/ अखिल भारतीय पर्यटक परमिट तथा समस्त मंजिली यात्री वाहनों के सितंबर एवं अक्टूबर के देय मासिक कर में छूट तभी दी जाएगी। जिनके संचालकों द्वारा माह सितंबर के पूर्व अंतिम तीन माह के दौरान अपने प्रत्येक यात्री वाहनों के चालक, परिचालक हेल्पर को निर्धारित वेतन भत्ते का भुगतान किया हो अथवा उक्त भुगतान को माह दिसंबर तक अनिवार्य रूप से किए जाने का शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। 

12- खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित को बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से ऋणों पर शासकीय प्रत्याभूमि के पुर्नवैधानिकरण का अनुमोदन किया गया। 

13- सभी सामाजों की सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर अधिकतम 5000 वर्ग फुट भूमि के आबंटन  के प्रावधान को संशोधित कर  अब 7500 वर्ग फुट तक कर दिया गया है। जिला कलेक्टर के स्तर पर ही भूमि आबंटन की कार्रवाई की जाएगी। 

14-राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते मंत्री परिषद ने यह निर्णय लिया कि स्कूल अभी पूर्ववत बंद रहेंगे।