नयी दिल्ली। देश में पहली बार पहलवानों के लिए केंद्रीय अनुबंध बनाया गया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने इसमें 24 पहलवानों को रखा है। 15 नवंबर से प्रभावी यह अनुबंध एक साल के लिए होगा। इसके तहत बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और पूजा ढांडा को ग्रेड ए में रखा गया है। तीनों को 30-30 लाख रुपए मिलेंगे। दो बार के ओलिंपिक पदक विजेता सुशील कुमार और रियो ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को बी ग्रेड में रखा गया है। इन दोनों को 20-20 लाख रुपए मिलेंगे। हालिया समय में सुशील और साक्षी दोनों ही खराब फॉर्म में हैं।

एशियाड के गोल्ड मेडलिस्ट हैं बजरंग-विनेश

बजरंग और विनेश ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाड में स्वर्ण पदक जीते थे। बजरंग ने पिछले महीने हंगरी के बुडापेस्ट में हुई विश्व चैम्पियनशिप में भी रजत पदक जीता था। वे वर्ल्ड चैम्पियनशिप में दो पदक जीतने वाले देश के पहले पहलवान हैं। पूजा ने भी वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था। पूजा विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने वाली भारत की चौथी महिला पहलवान हैं।

ग्रुप सी में सात पहलवान

ग्रुप सी में 2016 एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले संदीप तोमर, विश्व जूनियर चैम्पियनशिप के रजत विजेता साजन बेनीवाल, विनोद कुमार ओमप्रकाश, रितु फोगाट, सुमित, दीपक पुनिया और एशियाई खेलों की कांस्य विजेता दिव्या काकरान हैं। ग्रुप डी में राहुल अवारे, नवीन, उत्कर्ष काले, सचिन राठी, विजय, सिमरन, मानसी और अनुषा को रखा गया है। ग्रुप ई में नवजोत कौर, किरण, हरप्रीत सिंह और जितेंद्र शामिल हैं।

डब्ल्यूएफआई खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध देने वाला आईओए से संबद्ध पहला खेल संगठन

अनुबंध के तहत सी ग्रेड के पहलवानों को 10-10, डी ग्रेड के पहलवानों को पांच-पांच और ई ग्रेड के पहलवानों को तीन-तीन लाख रुपए मिलेंगे। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) से संबद्ध डब्ल्यूएफआई पहला राष्ट्रीय खेल संगठन बन गया है, जिसने अपने एथलीट्स के लिए केंद्रीय अनुबंध किया है। अब से पहले केवल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ही अपने खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध देता रहा है।

जूनियर वर्ग के 30 पहलवान भी अनुबंध में शामिल

डब्ल्यूएफआई जमीनी स्तर पर 120 लड़के और लड़कियों को भी आर्थिक मदद देगा। ग्रुप एफ में अंडर-23 राष्ट्रीय स्तर के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को शामिल किया है। उन्हें 1.2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। ग्रुप जी (जूनियर) में 90 हजार, ग्रुप एच (कैडेट) में 60 हजार और ग्रुप आई (अंडर-15) में 36 हजार रुपए दिए जाएंगे। अगर इन ग्रुप के खिलाड़ी एशिया या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतते हैं तो वे अगले ग्रेड में अपग्रेड हो जाएंगे।

144 पहलवानों को मिलेगा अनुबंध का फायदा

डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, ‘देश के 144 पहलवानों को इसका लाभ मिलेगा। उन्हें अलग-अलग चरण में फंड उपलब्ध कराए जाएंगे। सुशील ने देश में कुश्ती की लोकप्रियता बढ़ाई। उन्होंने कई टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया। फिर भी हमने उन्हें सूची में रखा है। हाल-फिलहाल साक्षी के प्रदर्शन में भी काफी उतार-चढ़ाव रहा है, इसलिए उन्हें भी बी ग्रेड का अनुबंध मिला है। अगर वे अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो उन्हें ग्रेड ए में अपग्रेड किया जाएगा।’

तीन-तीन महीने में दी जाएगी राशि

डब्ल्यूएफआई के सचिव विनोद तोमर ने बताया, ‘पहलवानों को यह राशि तीन-तीन महीने में दी जाएगी। खिलाड़ियों को यह बताने की जरूरत नहीं है कि उन्होंने यह पैसा कहां खर्च किया। हालांकि, डब्ल्यूएफआई से केंद्रीय अनुबंध पाने वाले खिलाड़ी जेएसडब्ल्यू जैसे संस्थानों से आर्थिक सहायता नहीं ले सकेंगे।’ सभी पहलवानों को वर्ल्ड चैम्पियनशिप, ओलिंपिक, एशियाड में प्रदर्शन के आधार पर ग्रेडिंग दी गई है।

पहलवान के लिए वरदान बनेगा केंद्रीय अनुबंध

बजरंग ने कहा, ‘खिलाड़ियों के लिए इस तरह का केंद्रीय अनुबंध वरदान साबित हेागा। इससे पहलवानों का मनोबल बढ़ेगा।’ महिला पहलवान विनेश ने कहा, ‘यह योजना हमारा मनोबल बढ़ाएगी। इससे पहलवानों के बीच स्पर्धा बढ़ेगी। यह जूनियर पहलवानों के लिए भी काफी अच्छा है।’ ए ग्रेड में जगह नहीं बना पाईं साक्षी ने कहा, ‘मुझे ए ग्रेड में शामिल नहीं हो पाने का दुख है। अब मैं अपना प्रदर्शन सुधाकर ग्रेड ए में जगह बनाने की कोशिश करूंगी।’

केंद्रीय अनुबंध में शामिल पहलवान

 ग्रेड   पहलवान
 ए  बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट, पूजा ढांडा
 बी  सुशील कुमार, साक्षी मलिक
 सी  संदीप तोमर, साजन भनवाला, विनोद ओम प्रकाश, रितु फोगाट, सुमित मलिक,   दीपक पुनिया, दिव्या काकरान
 डी  राहुल अवारे, नवीन, उत्कर्ष काले, सचिन राठी, विजय, रवि कुमार, सिमरन, मानसी, अंशु मलिक
 ई  नवजोत कौर, किरन, हरप्रीत सिंह, जितेंद्र कुमार