नई दिल्ली | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2019 की 'ईज ऑफ़ डुइंग बिज़नेस' रैंकिंग की घोषणा कर दी है. लिस्ट में आंध्र प्रदेश ने पहला स्थान बनाया है, वहीं छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में 6वा स्थान प्राप्त किया है. पिछले साल भी राज्य ने यही स्थान प्राप्त किया था. वहीं साल 2015 में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर था.

क्या होती है 'इज ऑफ़ डुइंग बिज़नेस' रैंकिंग ?

दरअसल भारत सरकार ने साल 2015 से व्यापार सुधार कार्य योजना ( Business Reform Action Plan ) की शुरुआत की थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के राज्यों में आसान व्यापारिक वातावरण बनाना है. योजना में अलग-अलग मापदंडो के हिसाब से राज्यों को रैंकिंग दी जाती है. इन मापदंडों में निर्माण परमिट, श्रम विनियमन, पर्यावरण पंजीकरण, सूचना तक पहुंच, भूमि की उपलब्धता और एकल-खिड़की प्रणाली जैसे क्षेत्र शामिल हैं. मतलब कुल मिलाकर बिज़नेस करने के लिए ज़रूरी मापदंडो को शामिल किया जाता है.

'ईज ऑफ़ डुइंग बिज़नेस' की रैंकिंग भारत सरकार के इसी Business Reform Action Plan के क्रियान्वन के हिसाब से होती है. आसान भाषा में आप ये समझ लीजिए की सरकार बिज़नेस को आसान करने के लिए लगभग हर साल एक एक्शन प्लान ला रही है, और जिस राज्य ने उसे जितनी सही तरह से लागू किया, उसकी रैंकिंग भी उतनी ही अच्छी हो जाती है.

आपको जानना चाहिए की ये Business Action Plan, केंद्रीय वित्त मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग द्वारा जारी होता है. वर्तमान में वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी रैंकिंग में भारत को 63वा स्थान मिला है.

साल 2019 की रैंकिंग में आंध्रप्रदेश ने टॉप किया है, वहीं छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन स्थिर रहा है.

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