रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को बगैर सरकारी अनुमति के विदेश में सैर-सपाटा महंगा पड़ गया।जानकारी के अनुसार में वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बगैर किसी सरकारी अनुमति के विदेश भ्रमण पर गये थे। विभागीय मंत्री मोहम्मद अकबर को भी अपने इस अधिकारी के विदेश यात्रा का पता तब चला जब अधिकारी वापस लौटकर छत्तीसगढ़ पहुंचे और सरकार को उनके विदेश यात्रा के लिए चाही गई अनुमति का आवेदन मिला। अपने अधिकारी की इस हरकत से भड़के हुए वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अधिकारी के द्वारा दिए गये आवेदन को खारिज कर दिया।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वन मंत्री इस मामले में जल्द ही अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगने वाले हैं। खबरों की माने तो वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) एस. एस. बजाज बीते जून महीने में दस दिन के लिए सिंगापुर घूमने गए थे। यह उनका विभागीय या अधिकारिक दौरा नहीं था, लेकिन नियमत: निजी विदेश प्रवास के लिए भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को सरकार से अनुमति लेनी होती है। जब बजाज की अनुमति का आवेदन विभागीय मंत्री तक पहुंचा, तब तक वे सिंगापुर से लौट आए थे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत राज्य के किसी भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के लिए वीजा का आवेदन लगाने से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है।