रायपुर। नई दिल्ली के प्रगति मैदान पर चल रहे विश्व पुस्तक मेला में कल 12 जनवरी को छत्तीसगढ़ के तीन लेखकों की कृतियों का विमोचन होगा, ये कृतियां है पुराविद राहुल सिंह लिखित “सिंहावलोकन”, बस्तर विषय विशेषज्ञ राजीव रंजन लिखित “बस्तर :  अनकही-अनजानी कहानियां” तथा पत्रकार केवलकृष्ण लिखित “बोगदा :  और अन्य कहानियां।“



विमोचन कार्यक्रम दोपहर 12.30 बजे पुस्तक मेले के हॉल नंबर 12-ए में आयोजित किया गया है। इन तीनों कृतियों का प्रकाशन यश पब्लिशर्स, दिल्ली द्वारा किया गया है। राहुल सिंह की कृति “सिंहावलोकन” छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं पर केंद्रित विभिन्न विषय-आधारित तथ्यपरक आलेखों का संग्रह है। राजीव रंजन प्रसाद की कृति बस्तर के अनछुए पहलुओं को उजागर करती है। केवलकृष्ण लिखित “बोगदा : और अन्य कहानियां” कहानी-संग्रह है, जिसमें 4 लंबी कहानियां संग्रहित हैं।

इससे पहले राहुल सिंह की कृति “एक थे फूफा”, केवलकृष्ण की कृति “बघवा” प्रकाशित हो कर लोकप्रिय रही है। राजीव रंजन प्रसाद की “आमचो बस्तर” समेत अनेक कृतियां प्रकाशित हो चुकी है। कल विमोचित हो रही कृति के अलावा उनकी एक अन्य पुस्तक “लाल-अंधेरा” इसी विश्व पुस्तक मेला में विमोचित हुई है।