रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस कर्मचारियों में पुलिस-पुलिस भेदभाव को लेकर बिलासपुर पुलिस लाइन में पदस्थ कर्मचारियों के द्वारा पुलिस लाइन में पदस्थ कर्मचारियों को रिस्पांस भत्ता दिलाने के लिए 1 वर्ष पूर्व हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिस पर अभी तक शासन से कोई रिप्लाई नहीं आया है,बिलासपुर में पदस्थ पुलिस कर्मचारी जिनमें आरक्षक प्रदीप ,राकेश कुमार साहू , दिलीप कुमार केवट,राजेंद्र कुमार कश्यप, रविंद्र कुमार पटवर्धन,मोहित राम डाहीरे द्वारा हाई कोर्ट में रिस्पांस भत्ता दिलाने याचिका लगाई गई थी।

थाने में पदस्थ पुलिस कर्मचारियों को रिस्पांस भत्ता दिया जा रहा है लेकिन पुलिस लाइन में पदस्थ पुलिस कर्मचारियों को रिस्पांस भत्ता नहीं दिया जा रहा है, पुलिस पुलिस में भेदभाव  का सिलसिला जारी है।

एडवोकेट योगेश्वर शर्मा के द्वारा आज रिस्पांस भत्ता दिलाने अर्जेंट सुनवाई और रिप्लाई करने के लिए केस लिस्टेड करने को कहा गया। पुलिस कर्मचारियों का वेतन -भत्ता बहुत कम है और न के बराबर है वहीं 24 घंटे के एग्रीमेंट पर काम करना पड़ता है लेकिन सुविधाएं बिल्कुल नहीं। पुलिसकर्मियों ने न्यायपालिका की शरण ली है और भेदभाव पर विचार करने और समानता के अधिकार पर विचार करने की हाइकोर्ट में फिरसे अपील की है।