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हितेष शर्मा

कोरबा। छत्तीसगढ़ में पॉलीथिन की उपयोगिता को कम करने एवं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए महिला दिवस पर चरामेति फाउंडेशन ने अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। इसके तहत पेपर बैग, हैंड बैग, दरी एवं अन्य हेंडीक्राफ्ट सामग्री रद्दी सामानों से तैयार की जा रही है।

पॉलीथिन की अधिक उपयोगिता पर्यावरण को प्रभावित कर रही है। कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों के मुख्य कारक एवं गाय जैसे कई पशुओं द्वारा इसे खा लेने से उनकी मौत हो जाती है। कोरबा जिले की सहसचिव अनिता साहू ने बताया कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए चरामेति फाउंडेशन के 2019 के मुख्य उद्देश्यानुसार पॉलीथिन की उपयोगिता को मानव जीवन में कम करने के लिए प्रयास करना है। इसके लिए कोरबा एवं अन्य शहरों में एक सर्वे कराया गया है और महिलाओं का समूह तैयार कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद 8 मार्च महिला दिवस पर पेपर बैग तैयार कर इस जनहितकारी अभियान की नीवं रखी गई है। पेपर बैग का डिज़ाइन संस्था प्रमुख इंजीनियर प्रशांत महतो, कोषाध्यक्ष दुर्गेश साहू एवं प्रतीक साहू द्वारा तैयार किया गया है।

8 से 15 किलो वजन उठा स‍कता है बैग

बैग की खासियत यह है कि यह 8 से 15 किलो का वजन आसानी से उठा सकता है। साथ ही यह बैग कहीं भी छोटे से पॉकेट में भी आसानी से भरकर ले जाया जा सकता है। शुभारंभ के अवसर पर राजकुमारी, कमलेश्वरी, महेश्वरी, पर्वतारोही हेमंत गाडेश्वर, प्रशांत महतो एवं अन्य साथी उपस्थित थे।

कलेक्‍टर को करेंगे भेंट

संस्था इसे सशुल्क और को निःशुल्क दोनों माध्यम से वितरित करेगा, ताकि इसे बनाने में आने वाली लागत और मानदेय निकाला जा सके। कोरबा जिलेवासियों से हमारी संस्था की अपील है वह अपने पुराने रद्दी अखबार हमें दे ताकि इस पुनीत अभियान में सभी अपनी भागीदारी निभा सकें। यह विशेष बैग सोमवार को कलेक्टर किरण कौशल को प्रथम बैग भेंटकर जनसामान्य के लिए उपलब्ध होगी।

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नई दिल्ली। हाल ही में हुए कर्ज को लेकर चूक के कारण बैंक ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं। कॉरपोरेट जगत में बढ़ते फर्जीवाडा के मामलों को देखते हुए बैंकों सहित अन्य वित्तीय कर्जदाताओं ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इससे शेयर गिरवी रख कर्ज लेने वाली कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। कर्ज चूक के बाद अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयर गिरने लगे तो कर्जदाताओं ने उन्हें बेचना शुरू कर दिया। अंबानी ने इसे गैरकानूनी कदम बताते हुए इसका विरोध किया और कर्जदाता के खिलाफ अपील दायर की।

मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कंपनियों के संस्थापकों में शेयर गिरवी रख कर्ज लेने की प्रकृति काफी बढ़ गई है। हाल में अनिल अंबानी की कंपनियों और एस्सेल समूह में कर्ज चूक के मामले सामने आने के बाद बैंकों ने इस तरह के कर्ज पर लगाम कस दी है। इस तरह के कर्ज में पहली बार छह महीने से ज्यादा का सूखा पड़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के कर्ज का बकाया करीब 1 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें अब तेजी से गिरावट आ रही है। कंपनी के संस्थापकों ने कर्ज की राशि का उपयोग कारोबार बढ़ाने में किया लेकिन गिरवी रखे शेयरों में गिरावट की वजह से उन्हें ज्यादा महंगी शर्तों पर दोबारा फंड जुटाना पड़ा। इसका भारतीय बाजार की साख पर भी बुरा असर दिखा।

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नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 20 रुपए का सिक्का जारी करने वाला है। 10 रुपए के सिक्‍के की तरह 20 रुपए के सिक्के के किनारे कोई निशान नहीं होगा। सरकार ने बुधवार को इसके नए सिक्के जारी करने की घोषणा की है।

वित्त मंत्रालय ने इस बाबत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ये सिक्के 27 एमएम आकार के होंगे। हालांकि 20 रुपए के सिक्के के किनारे कोई निशान नहीं होगा। सिक्के की आउटर रिंग 65 फीसदी कॉपर, 15 फीसदी जिंक और 20 फीसदी निकल होगा, जबकि अंदर की डिस्क में 75 फीसदी कॉपर, 20 फीसदी जिंक और 5 फीसदी निकल होगा।

ये होंगी खासियतें

सिक्के के सामने वाले हिस्से पर अशोक स्तंभ का निशान अंकित होगा और नीचे 'सत्यमेव जयते लिखा होगा। बाएं हिस्से में 'भारत' और दाएं हिस्से में 'INDIA' अंकित होगा. पिछले हिस्से पर सिक्के का मूल्य '20' अंकित होगा। इसके ऊपर रुपये का चिह्न होगा। इसके अलावा इस पर अनाज को उकेरा जाएगा।

दस साल में 13 बार बदला डिजाइन

10 साल पहले मार्च 2009 में आरबीआई ने 10 रुपए का सिक्का जारी किया था। तब से 13 बार सिक्कों की डिजाइन बदली है, जिससे जनता के बीच अक्सर भ्रम फैलता रहा है। जनता की शिकायत रहती है कि कुछ दुकानदार कभी-कभी 10 रुपए के सिक्के को जाली समझकर लेने से इन्कार कर देते हैं।

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर में औद्योगिक विकास पर संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन बुधवार 6 मार्च को सुबह 11 बजे कुम्हरावंड स्थित शहीद गुण्डाधूर कृषि महाविद्यालय परिसर के सभागार में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योग मंत्री कवासी लखमा करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रुप में कृषि, पशुपालन, मछलीपालन व जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चैबे शामिल होंगे।

संगोष्ठी में नगरनार स्टील प्लांट के संभावित सहायक उद्योगों की स्थापना तथा कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना पर विचार-विमर्श होगा। यहां एनएमडीसी के प्रतिनिधियों के साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, वन विभाग, कृषि महाविद्यालय और उद्यानिकी महाविद्यालय के प्रतिनिधि बस्तर में उद्योगों की संभावनाओं के संबंध में जानकारी देने के साथ ही उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर भी चर्चा की जाएगी।

संगोष्ठी में बस्तर सांसद दिनेश कश्यप, कांकेर सांसद विक्रम उसेंडी, संभाग के सभी विधायक, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, महापौर जतीन जायसवाल विशिष्टि अतिथि के रुप में मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव  मनोज पिंगुआ, बस्तर कमिश्नर अमृत कुमार खलखो, बस्तर कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली, उद्योग विभाग के संचालक  अनुराग पाण्डेय और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक अरुण प्रसाद उपस्थित रहेंगे।

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