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नई दिल्ली देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी निवेश की पैरवी करते हुए लगातार कह रहे हैं कि विदेशी कंपनियां मेक इन इंडिया में निवेश करने के लिए आगे आएं। इससे भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने में मदद मिलेगी वहीं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। वहीं इससे उलट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी कंपनियों से बार-बार अमेरिका वापस बुलाने का आह्वान कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये कंपनियां मेक अमेरिका, ग्रेट अगेन अभियान का हिस्सा बनें।

इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेरीलैंड में कंजरवेटिव पॉलिटिकल एक्शन कान्फ्रेंस (सीपीएसी) में सवाल किया- क्या भारत हमें बेवकूफ समझता है? ट्रम्प ने कहा कि वह बताना चाहते हैं कि सारा विश्व अमेरिका का सम्मान करता है। हम एक देश को अपने सामान पर 100 टैरिफ दें और उनके इसी तरह के सामान पर हमें कुछ न मिले, यह सिलसिला अब आगे नहीं चलेगा।

ट्रम्प ने कहा है कि भारत में टैरिफ की दरें बहुत ज्यादा हैं। अमेरिका से जाने वाली एक बाइक पर भारत 100 फीसद टैरिफ वसूलता है, जबकि वहां से आने वाले इसी तरह के सामान पर अमेरिका कोई टैक्स नहीं लेता। उन्होंने कहा कि हम भी भारत से आने वाले सामानों पर इसी अनुपात में टैरिफ लगाएंगे। लगभग 5.6 अबर डॉलर (40 हजार करोड़) रुपए का सामान अमेरिका में निर्यात करने पर टैरिफ में रियायत दी जाती है। 1970 में बनाई गई योजना के तहत लाभ पाने वाला भारत विश्व का सबसे बड़ा देश है।

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मुंबई। वित्तीय संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने किराया नहीं चुकाने के कारण अपने दो और विमान खड़े कर दिए हैं। किराया नहीं चुकाने की वजह से कंपनी अब तक 23 विमान को परिचालन से बाहर कर चुकी है।

कंपनी ने बताया कि लीज समझौते के तहत लीज पर विमान देने वाली कंपनियों को पैसा नहीं दे पाने की वजह से दो और विमानों को परिचालन से बाहर करना पड़ा। साथ ही यह भी कहा कि किराये पर विमान देने वाली सभी कंपनियों से सक्रिय रूप से बातचीत की जा रही है। उन्हें नकदी की स्थिति को सुधारने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के बारे में नियमित जानकारी दी जा रही है। जेट एयरवेज ने कहा कि इन विमानों के खड़े होने की वजह से नेटवर्क में जो भी परेशानियां आ रही हैं, उन्हें कम-से-कम करने के सभी प्रयास हो रहे हैं। यात्रियों के साथ नागर विमानन महानिदेशालय को भी इस संबंध में नियमित जानकारी दी जा रही है। इससे पहले जेट एयरवेज ने किराया नहीं चुकाने की वजह से 27 फरवरी और 28 फरवरी को क्रमश: सात और छह विमान खड़े किए थे।

टेक्नोलॉजी

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नई दिल्ली। भारत संचार निगम लिमिटेड ने गुजरात समेत कुछ सर्किल्स में अपनी 4G सेवाएं शुरू कर दी है। 4G नेटवर्क सर्विस न दे पाने के कारण बीएसएनएल प्राइवेट टेलीकॉम्स से काफी पिछड़ गया था। इसके बाद कंपनी अपनी 4G टेस्टिंग में तेजी लायी और कंपनी ने घोषणा की है कि कुछ सर्किल्स में कंपनी ने 4G सेवायें शुरू कर दी है। बीएसएनएल अपने 4G नेटवर्क के लिए 3G एयरवेव्स का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी को अक्टूबर 2018 में 2,100MHz स्पेक्ट्रम अलोकेट किया गया था।

कंपनी ने हाल ही में चेन्नई सर्कल में बीएसएनल ने 4 जी सिम कार्ड जारी करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी अपने ग्राहकों को 3जी से 4जी सिम अपग्रेड करने पर ऑफर भी दे रही है। इस ऑफर के तहत जो भी ग्राहक 20 रुपए के इस 4जी सिम को खरीद रहे हैं उन्हें 2 जीबी का कॉम्प्लीमेंट्री 4 जी डेटा फ्री दिया जा रहा है। बीएसएनएल के 4जी सेवा शुरू होने के बाद भी अगर यूजर्स अपने 3जी सिम को 4जी सिम से रिप्लेस नहीं करते हैं, तो उन्हें 4जी स्पीड नहीं मिलेगी और उन्हें 3जी स्पीड से ही काम चलाना पड़ेगा। बता दें कि 4जी स्पीड के लिए फोन में 4जी सिम होना आवश्यक है।

20 एमबीपीएस की मिलेगी स्पीड

पिछले कुछ महीनों से बीएसएनएल देश के कई क्षेत्रों में अपनी 4जी सेवाओं की टेस्टिंग कर रही है। जिन शहरों में बीएसएनएल 4जी की टेस्टिंग की जा रही है वहां ग्राहकों को 20 एमबीपीएस की तेज स्पीड दी जा रही है। हालांकि कहा जा रहा है कि बीएसएनएल 4जी का यूजर बेस अभी कम है इसी कारण यूजर्स को हाई स्पीड उपलब्ध कराने में दिक्कत नहीं आ रही है। आधिकारिक तौर पर बीएसएनएल की 4जी सेवा को देशभर में शुरू होने में अभी कुछ वक्त है, लेकिन उम्मीद की जा रही है जून 2019 तक इसे शुरू कर दिया जाएगा।

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नई दिल्ली। मारुति ने अपनी पॉप्युलर ऑफ रोड एसयूवी मारुति सुजुकी का प्रॉडक्शन ऑफिशली बंद कर दिया है। कंपनी ने ईमेल के जरिए डीलरशिप्स को बताया कि कंपनी ने मारुति सुजुकी का प्रॉडक्शन बंद कर दिया है और डीलरशिप्स अब इसके बुकिंग ऑर्डर्स रिसीव न करें। मारुति सुजुकी पिछले तीन दशक से भारतीय बाजार में मौजूद थी। 

जिप्सी को 1985 में लॉन्च किया गया था और इसे शुरुआती वर्षों में अच्छी सफलता मिली थी। बाद में डीजल से चलने वाली एसयूवी के आने के बाद यह केवल भारतीय सेना की पसंदीदा रह गई थी। मारुति सुजुकी को सेना से जिप्सी का पहला ऑर्डर 1991 में मिला था। इसके बाद से कंपनी सेना को 35 हजार से ज्यादा जिप्सी की सप्लाई कर चुकी है। कंपनी को जिप्सी के लिए सबसे बड़ा ऑर्डर सेना से पिछले वर्ष 4 हजार यूनिट्स से ज्यादा का मिला था।

वीइकल्स की जीएस 500 कैटिगरी में जिप्सी की मोनोपॉली रही है। यह कैटिगरी अधिकतम 500 किलोग्राम के पेलोड वाले वीइकल्स की होती है। सरकार ने अब जीएस 800 (800 किलोग्राम तक का पेलोड) की एक नई कैटिगरी शुरू की है, लेकिन जीएस 500 कैटेगरी को हटाने के बारे में सेना या मिनिस्ट्री से अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। इस वजह से हम यह नहीं कह सकते कि जिप्सी का सफर समाप्त हो गया है।

आर्मी ने लंबे समय तक किया इसका इस्‍तेमाल

मारुति सुजुकी जिप्सी लंबे समय तक इंडियन आर्मी का हिस्सा रही। हालांकि बाद में इंडियन आर्मी ने महिंद्रा स्कॉर्पियो और टाटा सफारी से अपनी वीइकल्स को रिप्सलेस किया। पर हाल ही में सेना ने 3,200 मारुति सुजुकी का ऑर्डर दिया था। सेना शहर की सड़कों से लेकर पहाड़ों और रेगिस्तान तक में इस ऑल-पर्पज वीइकल का इस्तेमाल करती है। इसमें मिलिट्री इक्विपमेंट को ले जाने के लिए बैक साइड पर हुक भी लगे होते हैं।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के उद्योगपतियों और उद्यमियों को सम्मानित करने के लिए अवॉर्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन 4 मई को राजधानी रायपुर में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन आंत्रप्रोन्योर ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के उद्यमियों ने व्यवसाय के क्षेत्र में कितना विकास किया है, नए उद्यमियों की क्या स्थिति है, व्यवसाय का संचालन के लिए कुशल नेतृत्व की क्षमता कितनी है, इसमें वह कहां तक सफल रहे, सामाजिक दायित्वों का कहां तक निर्वहन किया है, इन सभी मापदंडों के आधार पर अवार्ड दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ चैप्टर की ओर से रमेश अग्रवाल, प्रशांत धाड़ीवाल, अमित अग्रवाल, पंकज शर्मा और आनंद सिंघानिया ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को पहचान दिलाने के उद्देश्य से प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। उद्यमी अवार्ड्स में नोमिनेट होने के लिए आंत्रप्रोन्योर ऑर्गेनाइजेशन के वेबसाइट www.eotyawards.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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