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छत्तीसगढ़

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रायपुर। कॅान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक देश-एक व्यापारी-दस वोट राष्ट्रीय अभियान के तहत प्रदेश भर के व्यापारियों की बैठक आज रायपुर के वृंदावन हाल में संपन्न हुई। इस बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पूरे प्रदेश के व्यापारियों को एक वोट बैंक में तब्दील कर आगामी लोकसभा चुनावों में व्यापारियों की निर्णायक भूमिका को सुनिश्चित करने के लिए 5 फरवरी से प्रदेश भर में इस अभियान को चलाया जायेगा। इस मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी व्यापारियों को अपने वोट की ताकत को पहचानने एवं आगामी लोकसभा चुनावों में शत प्रतिशत मतदान हेतु, जागृत करने की रणनीति बनायी गई है।

इस बैठक के दौरान एक देश-एक व्यापारी-दस वोट अभियान के तहत बनायी गई रणनीति के अनुसार 5 फरवरी से पूरे प्रदेश भर के शहरों में स्थित बाजारों में इस अभियान की जानकारी देने के लिए एक रोड मार्च निकाला जायेगा। साथ ही इस अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए सभी शहरों एवं बाजारों में बैनर, पोस्टर भी लगाये जायेंगे। रथयात्रा के माध्यम से इस अभियान का संदेश, प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं तहसील तक पहुंचाया जायेगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जायेगा । 

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि प्रत्येक व्यापारी, व्यापारी का परिवार उसके व्यापार में कार्यरत कर्मचारी एवं उसका परिवार सहित औसतन दस वोट ऐसे हैं जिन्हें इस अभियान से जोड़कर व्यापारी ताकत की पहचान आगामी लोकसभा चुनावों में करायी जा सकती है। व्यापारी वर्ग समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है एवं इसे उचित सम्मान मिलना चाहिए। अर्थव्यवस्था के रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले इस वर्ग को उचित लाभ मिलना चाहिए। प्रदेश में छः लाख और देश भर के सात करोड़ व्यापारियों के वोट सरकार के गठन में निर्णायक हैं ।  

कैट द्वारा आयोजित इस बैठक में भारी संख्या में व्यपारिक संगठन एवं व्यापारीगण शामिल हुये जिनमें अमर पारवानी, मगेलाल मालू, विक्रम सिंह देव, जितेन्द्र दोषी, पोहूमल जेठानी, अर्जुन दास ओचवानी,  राम मंधान, कैलाश खेमानी, अजय तनवानी, वासु माखीजा, पवन वाधवा, भरत जैन, राकेष ओचवानी, अमर गिदवानी, संजय जयसिंह नरेश गंगवानी सुरेंद्रर सिंह, विरेन्द्र सिंह वालिया, वासु माखीजा, आशिफ वैद, जयराम कुकरेजा, जितेन्द्र गोलछा, अमर दास खट्टर, जय नानवानी, रविन्द्र भसांली, विजय शर्मा, आषीष सोनी, जनक वाधवानी, राकेश अग्रवाल, सतीश श्रीवास्तव, रवि रंगलानी, राजू वासवानी समेत काफी संख्या में प्रदेश भर के व्यापारी उपस्थित थे। 

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रायपुर

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रायपुर । कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु को एक पत्र भेजा है। जिसमें स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि यदि सरकार ने किसी भी दबाव में आकर ई-कॉमर्स पर एफडीआई पॉलिसी को लागू करने की तारीख 1 फरवरी से आगे बढ़ाया या स्थगित किया, तो सरकार के इस फैसले के देश के 7 करोड़ व्यापारी एक राष्ट्रीय अभियान छेड़ देंगे। व्यापारियों ने ई-कॉमर्स कम्पनियों को समय देने की बजाय उन पर कार्रवाई करने की मांग की है।

कैट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मामला अब छोटे व्यापारियों और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच का है और देखना है कि सरकार किसका पक्ष लेती है। देश में लगभग 7 करोड़ व्यापारी हैं जो लगभग 30 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं और देश का रिटेल व्यापार प्रतिवर्ष लगभग 42 लाख करोड़ रुपये का है, जिस पर कब्ज़ा जमाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने ई-कॉमर्स का रास्ता चुना है।

ई-कॉमर्स कंपनियों ने कहा है कि उन्हें पालिसी समझने का कुछ और वक़्त चाहिए इसलिए उन्होंने पालिसी की अंतिम तारीख को आगे बढ़ाने का अनुरोध  किया है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया, राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने वाणिज्य मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि –‘इस बात से यह साफ है की ये कंपनियां गत दो वर्षों से पालिसी का उल्लंघन कर रही थी और उनका सारा व्यापार केवल अस्वस्थ व्यापारिक नीतियों पर टिका था और ऐसे में उनके पालिसी उल्लंघन को ठीक करने के लिए सरकार उनको वक़्त दे जो कतई भी उचित नहीं होगा। इन कंपनियों ने गत दो वर्षों में पालिसी का उल्लंघन किया है उसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाए और दोषी कंपनियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

यह जानकारी कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोषी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानन्द जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने पत्र लिखकर दी है।

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