रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में एक तरफ जहां मंत्रिमंडल गठन के बाद 13वें मंत्री को लेकर कयासों का दौर जारी है, वहीं निगम, मंडल और आयोगों में भी नियुक्ति के लिए अंदरूनी तौर पर सर‍गर्मियां तेज हैं। सत्‍ता ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के संगठन में भी इसे लेकर गुणाभाग चल रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार उन युवा चेहरों को भी निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारी दी जाएगी, जो विधानसभा टिकट के प्रबल दावेदार रहे या संगठन की मजबूती के लिए जिन्‍होंने सक्रिय रहकर काम किया। लगभग दर्जन भर ऐसे युवा नेताओं के बारे में सत्‍ता और संगठन दोनों जगह चर्चा भी जारी है।



अजीत कुकरेजाअजीत कुकरेजा

ऐसे ही युवा चेहरों में एक नाम शुमार है-अजीत कुकरेजा। अजीत इस समय रायपुर नगर निगम में पार्षद हैं और वित्‍त विभाग के अध्‍यक्ष के रूप में एमआईसी मेंबर भी है। आपको याद होगा, रायपुर उत्‍तर विधानसभा क्षेत्र से वे टिकट के लिए प्रबल दावेदार थे। बड़े-छोटे हर स्‍तर के नेताओं की पसंद वाली फेहरिश्‍त में शामिल होने के कारण अजीत का नाम टिकट फाइनल होने के आखिरी समय तक चर्चा में रहा। हालांकि कुछ कारणों से उन्‍हें टिकट नहीं मिली, इसके बावजूद उन्‍होंने बड़ी विनम्रतापूर्वक बयान दिया था कि वे पार्टी के लिए काम करेंगे और उत्‍तर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए जनता और कार्यकर्ताओं को संगठित करेंगे। उन्‍होंने ऐसा किया भी। अपने काम के अलावा अपने बैकग्राउंड के कारण भी अजीत महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदार के लिए हक रखते हैं। पुणे से पब्लिक एडमिनिस्‍ट्रेशन की पढ़ार्इ करने के बाद अजीत ने सिविल सर्विसेस के लिए भी तैयारी की थी, लेकिन वे राजनीति में आ गए और 2014 में रायपुर नगर निगम के सबसे कम उम्र के पार्षद चुने गए, जब वे मात्र 28 साल के थे। उत्‍तर विधानसभा में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भी उन्‍हें महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारी दी जा सकती है।

 एजाज ढेबरएजाज ढेबर

एजाज ढेबर भी ऐसे नाम में शामिल हैं, जिन्‍हें पद मिल सकता है। एजाज इस समय रायपुर नगर निगम में पार्षद हैं और राजस्‍व विभाग के अध्‍यक्ष के रूप में एमआईसी मेंबर भी हैं। अजीत जोगी जब मुख्‍यमंत्री हुआ करते थे, तब वे एनएसयूआर्इ के प्रदेश अध्‍यक्ष थे। इस समय वे पीसीसी के सचिव हैं। उन्‍होंने अपने वार्ड में अच्‍छे मतों से जीत हासिल की थी।

अटल श्रीवास्‍तवअटल श्रीवास्‍तव

बिलासपुर के अटल श्रीवास्‍तव को केवल इसलिए पद नहीं मिलेगा कि वे मुख्‍यमंत्री और पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं, बल्कि इसलिए भी पद मिलेगा कि भाजपा के गढ़ माना जाने वाले बिलासपुर में उन्‍होंने कांग्रेस को न केवल जिंदा रखा, बल्कि आंदोलन करते हुए लाठियां खाईं। उन्‍हें बिलासपुर से टिकट देने की जोरदार मांग थी, नहीं मिली, तो कार्यकर्ता और समर्थक आक्रोशित भी हुए, लेकिन अटल ने कह दिया कि टिकट नहीं मिली तो कोर्इ बात नहीं, चुनाव जीतने के लिए हम सब एकजुट होकर काम करेंगे।

अमित शर्माअमित शर्मा

भाटापारा क्षेत्र के युवा कांग्रेसी अमित शर्मा भी महत्‍वपूर्ण पद के प्रबल दावेदारों में से एक हैं। शर्मा परिवार का क्षेत्र में अच्‍छा दबदबा है। अमित के पिता राधेश्‍याम शर्मा 10 सालों तक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष रहे और 22 सालों तक जिला सहकारी बैंक के अध्‍यक्ष भी रहे हैं। अमित शर्मा युवा नेता के रूप में काफी सक्रिय हैं और उन्‍होंने इस चुनाव में भी काफी मेहनत की है। ऐसे में उन्‍हें किसी न किसी खास पद पर रखा जा सकता है।

सुबोध हरितवालसुबोध हरितवाल

रायपुर पश्चिम से इस बार विधानसभा चुनाव की टिकट के लिए जिन प्रबल दावेदारों के नाम सामने आए थे, उनमें सुबोध हरितवाल भी एक नाम था। सुबोध ने पैलोटी कॉलेज में पढ़ाई करते हुए छात्रनेता के रूप में राजनीति की शुरूआत की। वे एनएसयूआर्इ के प्रदेश उपाध्‍यक्ष भी रहे और वर्तमान में यूथ कांग्रेस के महासचिव हैं। अच्‍छी सक्रियता के कारण सुबोध को भी कोई जिम्‍मेदारी दी जा सकती है।

आकाश शर्माआकाश शर्मा

एनएसयूआई के वर्तमान प्रदेश अध्‍यक्ष आकाश शर्मा भी उन चेहरों में शामिल हैं, जो महत्‍वपूर्ण पद पाने की पात्रता रखते हैं। जब देवेन्‍द्र यादव एनएसयूआर्इ के प्रदेश अध्‍यक्ष थे, तब आकाश जिला अध्‍यक्ष थे। पारिवारिक पृष्‍ठभूमि और युवाओं को संगठित करने में सक्रियता दिखाने के कारण उन्‍हें जिम्‍मेदारी दी जा सकती है।

नागभूषण रावनागभूषण राव

नागभूषण राव इस समय रायपुर नगर निगम के पार्षद हैं और एमआईसी मेंबर भी हैं। नगर निगम में जलकार्य विभाग के अध्‍यक्ष हैं और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी हैं। रायपुर के डब्‍ल्‍यूआरएस इलाके में अच्‍छी लोकप्रियता के कारण वे तीन बार लगातार पार्षद चुने गए। उन्‍होंने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी भी पेश की थी। ऐसे में उन्‍हें सरकार कोई महत्‍वपूर्ण पद दे सकती है।

पीयुष कोसरेपीयुष कोसरे

ग्राम पंचायत स्‍तर पर राजनीति की शुरुआत करते हुए बेहद कम उम्र और कम समय में जिला पंचायत तक पहुंचने वाले आरंग के पीयुष कोसरे की गिनती भी इन लोगों में शामिल हैं। जब देवव्रत सिंह यूथ कांग्रेस के अध्‍यक्ष थे, तब पीयुष कोसरे पूरे प्रदेश में सबसे कम उम्र के ब्‍लॉक अध्‍यक्ष थे। तब से लेकर अब तक वे लगातार सक्रिय हैं। वे यूथ कांग्रेस में सचिव भी रहे और इस समय यूथ कांग्रेस में बस्‍तर लोकसभा के प्रभारी हैं।

विनोद तिवारी विनोद तिवारी

विनोद तिवारी ऐसे युवा नेता हैं, जिन्‍होंने बीच में कांग्रेस छोड़कर जनता कांग्रेस छत्‍तीसगढ़ भले ही जॉइन कर लिया, लेकिन पीसीसी चीफ और सीएम भूपेश बघेल के जन्‍मदिन पर उन्‍होंने जनता कांग्रेस छत्‍तीसगढ़ छोड़कर फिर कांग्रेस जॉइन करते हुए कांग्रेस को तोहफा दिया था। जोगी कांग्रेस को कमजोर करने में विनोद तिवारी की इस भूमिका को कांग्रेस पुरस्‍कृत कर सकती है। विनोद तिवारी की आंदोलनों में सक्रियता और सफलता कांग्रेस नेताओं को भी पता है। ऐसे में युवा चेहरे के रूप में विनोद तिवारी को भी पद मिल सकता है।