रायपुर। बेमेतरा जिले में बड़ी संख्‍या में गायों की मौत की खबर से पूरे प्रदेश में हड़कंप का माहौल है। खासकर, जब प्रदेश में गौसेवा आयोग बना हुआ हो और गौसेवा के लिए तमाम संगठन काम करने का दावा कर रहे हों, तब गायों की इस तरह मौतों का मामला तूल पकड़ ले, तो इसमें कोई आश्‍चर्य की बात नहीं।

The Voices ने पड़ताल की, कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे सच क्‍या है? दरअसल, बेमेतरा के ओटेबंद में प्रवीण करूणा गौशाला सेवा समिति नामक की एक संस्‍था संचालित है। जिन मवेशियों की मौत हुई है, वे यही के थे। इस समिति की सचिव वर्षा कुर्रे से बातचीत करने की कोशिश की गई, तो मोबाइल उनके पति गौतम कुमार कुर्रे ने उठाया। उन्‍होंने बताया कि उनकी प‍त्‍नी गौशाला सेवा समिति की सचिव जरूर है, लेकिन वे अपने परिवार के साथ तिल्‍दा-नेवरा (रायपुर) में रहते हैं, ना कि बेमेतरा में। इसलिए उन्‍हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है। गौतम कुर्रे ने कहा, ‘मेरी बड़ी बहन मैना देवी मांडले उस समिति की अध्‍यक्ष हैं। उनसे ही जानकारी मिल सकेगी।’



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25 मौतों की बात सरासर गलत

प्रवीण करूणा गौशाला सेवा समिति की अध्‍यक्ष कमला देवी मांडले ने कहा, ‘25 गायों की मौत की बात सरासर गलत है। एक सप्‍ताह के भीतर आठ मवेशियों की मौत हुई है। इसमें चार उम्रदराज थे, और चार बछड़े थे। यह सच है कि वे हमारे गौशाला के मवेशी थे, लेकिन मौतें हमारे गौशाला में नहीं हुई है, बल्कि रचकुड़ी के कांजी हाउस में हुई है। हमारे पास रखने की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था नहीं थी, इसलिए हमने सरपंच की अनुमति से लगभग 70 मवेशियों को कांजी हाउस में शिफ्ट कर दिया था। वहां भी छत छोटी है। जगह कम है। लगातार बारिश के दौरान जो मवेशी छत के नीचे बच गए, वे सुरक्षित हैं, जो छत से बाहर रहे, उनकी मौत हो गई। मवेशियों की सुरक्षा के लिए जितना संभव था, वह सब हमने किया। हमने अपनी तरफ से डॉक्‍टर भी बुलाए थे। ना तो हमारी लापरवाही है, ना ही हमने कोई गलत किया है। हम मवेशियों की सेवा करना चाहते हैं, इसलिए हम गौसेवा आयोग के मापदंडों के अनुसार गौशाला निर्माण करा रहे हैं। निर्माण पूरा होने तक सरपंच से अनुमति लेकर मवेशियों को कांजी हाउस में में शिफ्ट कराए थे। हमें अभी तक कोई शासकीय मदद नहीं मिली है। मदद के लिए आयोग से आग्रह किया था, लेकिन हमारा गौशाला आयोग के मापदंडों अनुरूप नहीं था, इसलिए उन्‍होंने पंजीयन निरस्‍त किया। अब आयोग के मापदंडों के अनुसार भवन निर्माण करा रहे हैं।’ 

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अवैध रुप से संचालित था गौशाला

कलेक्‍टर महादेव कावरे ने The Voices से बातचीत करते हुए बताया, ‘ 25 गायों की बात गलत है। 8 गायों की मौत की जानकारी मिलते ही हमने वहां का दौरा किया था। मवेशियों की संख्‍या के हिसाब से कांजी हाउस में पर्याप्‍त व्‍यवस्‍थाएं नहीं थीं। इसलिए हमने गौ-अभ्‍यारण्‍य झालम में मवेशियों को में शिफ्ट कराया है। पशु चिकित्‍सा विभाग को निर्देश दिए गए हैं, कि वे लगातार नजर रखें। अब तक हुई मौतों के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। मौखिक जानकारी मिली है कि अवैध रूप से गौशाला का संचालन किया जा रहा था। पशु चिकित्‍सा विभाग को निर्देश दिया गया है कि संचालक समिति के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराएं।’ 

( सभी फोटो- मोहन पटेल)