रायपुर। मुख्यमंत्री के विशेष बुलावे पर प्रदेशभर में कार्यरत 1,09,000 सहायक शिक्षक एलबी/पंचायत संवर्ग के एक प्रतिनिधि मंडल ने सीएम हाउस पहुना पहुंचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की।

प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक जाकेश साहू, मनीष मिश्रा, शिव सारथी, छोटेलाल साहू, रंजीत बनर्जी, अश्वनी कुर्रे, जलज थवाईत, अजय गुप्ता, बसंत कौशिक, हुलेश चन्द्राकर, संकीर्तन नंद, सीडी भट्ट एवं सुखनंदन यादव आदि शामिल थे।



सीएम के समक्ष फेडरेशन ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरी करने हेतु निवेदन किया, जिस पर सीएम बघेल ने कहा कि गुरुदेव आप लोग अभी थोड़ा धैर्य रखें, सरकार को आप लोगों की पूरी चिंता है। आप सबकी सारी मांगे पूरी करेंगे पर हमें थोड़ा समय दीजिए।

यह बात उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष जून 2018 में राज्य के पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार ने प्रदेशभर के एक लाख से अधिक शिक्षाकर्मियों के संविलियन का दावा किया था। जिससे खुश होकर शिक्षाकर्मी संघों के विभिन्न नेताओ, संजय शर्मा, वीरेन्द्र दुबे, केदार जैन व विकास राजपूत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं उनकी सरकार का जगह-जगह स्वागत समारोह एवं सम्मेलन किये थे।

वहीं दूसरी ओर वेतन में भारी विसंगति एवं त्रुटिपूर्ण संविलियन से नाराज होकर प्रदेशभर में कार्यरत 1,09,000 वर्ग-03 के शिक्षाकर्मियों ने विसंगति मुक्त संविलियन सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर "छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन" के बैनर तले प्रदेश की राजधानी रायपुर में एक आंदोलन किया था। फिर भी पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार ने इनकी नहीं सुनी। अंततः शिक्षाकर्मी वर्ग-03 की नाराजगी रमन सिंह सरकार को भारी पड़ी और विधानसभा चुनाव में सरकार बुरी तरह पराजित हुई। चूंकि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने शिक्षाकर्मियों की मांगों को अपने जनघोषणा पत्र में प्रमुखता से रखा है। इसलिए फेडरेशन अब राज्य की भूपेश बघेल सरकार से अपनी चार सूत्रीय मांगों की पूर्ति हेतु लगातार प्रयासरत है।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के बुलावे पर फेडरेशन संयोजक मण्डल ने एक बार फिर सीएम से मुलाकात की है। सीएम ने उन्हें आस्‍वस्‍त किया है कि आने वाले दिनों में प्राथमिकता के साथ सारी मांगे पूरी की जाएगी।