रायपुर। जिंदगी के 14 बरस लड़के की जिंदगी जीने वाली 24 साल की ट्रांसवुमन वीना सेंद्रे ने देश की पहली मिस ट्रांसक्वीन का खिताब जीता है। वीना सेंद्रे को जब अपने जीवन में हो रहे परिवर्तन के बारे में पता चला तो उन्होंने इसकी जानकारी अपने परिवार को दी, परन्तु किसी भी ने उनका साथ नहीं दिया। ऐसी परिस्थिति में उनकी मां ने उनका पूर्ण सहयोग किया। अपने मानसिक परिवर्तन के कारण इन्होने पांचवी के बाद स्कूल छोड़ दिया। इनके कभी कोई दोस्त नहीं बने और सभी लोग हमेशा इनका मज़ाक उड़ाते थे।

ऐसे समय में विगत 25 वर्षों से निरंतर जनता की सेवा करने वाले कालड़ा बर्न एण्ड प्लास्टिक सर्जरी सेन्टर के संस्थापक डॉ सुनील कालड़ा ने वीना सेंद्रे का एसआरएस आपरेशन किया। इस आपरेशन से वीना सेंद्रे को उनके मानसिक परिवर्तन के अनुसार एक ट्रांसजेंडर में परिवर्तित किया गया। इस सफल आपरेशन के बाद वीना ने अपने जीवन को एक नए अवतार एवं नए जोश से जीना प्रारंभ किया और आज उन्होंने देश की पहली मिस ट्रांसक्वीन का खिताब जीता।

डॉ सुनील कालड़ा ने बताया कि समय के साथ काफी मनुष्यों में ट्रांसजेंडर के परिवर्तन आने लगते हैं। पहले एसआरएस आपरेशन जैसी सुविधा नहीं होने के कारण लोग अपनी इन भावनाओं को दबा कर रखते थे तथा समाज की हीनभावना के कारण आपराधिक गतिविधियों में संल्पित हो जाते थे। अपने मानसिक परिवर्तन के कारण इन्हें सामाज में वह स्थान कभी प्राप्त नहीं हो पाता था। लेकिन एसआरएस आपरेशन कराने के बाद ट्रांसजेंडर अपना जीवन सामान्य रूप से जीते हैं। ये अब विवाह भी करने लगे हैं तथा बच्चों को भी गोद लेकर एक सम्पूर्ण जीवन यापन करने लगे हैं।

डॉ सुनील कालड़ा ने बताया कि एसआरएस आपरेशन ऐसे लोगों के लिए एक वरदान है, जो आज तक अपनी असली पहचान को छुपा कर जीवन जी रहे थे, वीना सेंद्रे इसका साक्षात उदाहरण है। सही चिकित्सक की सलाह,  देखरेख एवं सुविधापूर्ण हस्पताल में एसआरएस सर्जरी जैसे जटिल आपरेशनों को करवाने से मरीज़ को पूर्ण स्वास्थय लाभ होता है।

डॉ कालड़ा ने यह जानकारी दी कि वीना सेंद्रे प्रदेश के ट्रांसजेंडर्स को अपने जीवन को बेहतर तरीके से जीने एवं अपना जीवनस्तर ऊपर उठाकर समाज में एक नया स्थान बनाने के लिए कालडा बर्न एण्ड प्लास्टिक सर्जरी सेन्टर के एसोसिएट की तरह कार्य करेंगी। डॉ कालडा द्वारा अंतिम में यही कहा गया कि सही जानकारी एवं जागरूकता ही बदलाव ला सकता है।