अंडा शाकाहार है या मांसाहार ? इस सवाल को लेकर एक बड़ी बहस बरसों से चली आ रही है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अंडे को स्कूलों में दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन में शामिल करने की ख़बर आयी तो यह बहस एक बार फिर सामने आ खड़ी हुई है। 

अंडे को लेकर चल रहे इस वाद-विवाद के बीच ‘’THE VOICES’’ ने यह समझने की कोशिश की कि आख़िर अंडे का क्या फंडा है ? बहुत से लोग अंडे को मांसाहारी भोजन मानते हैं, बावजूद इसके ऐसे कई तथ्य हैं जो इस कथन का पूरी तरह से समर्थन नहीं करते हैं। अगर हम मांसाहारी भोजन को शाब्दिक रूप से परिभाषित करें तो इसका अर्थ होगा कि जिस भोज्य पदार्थ में मांस मौजूद रहता है या उसे किसी प्राणी को काटकर हासिल किया जाता है वो मांसाहारी होता है। उदाहरणस्वरूप चिकन, मछली या मछली का अंडा। अंडे में पशुओं (गाय, भैंस, बकरी या ऊंट) से मिलने वाले दूध की ही तरह मांस पूर्ण रूप से गैर मौजूद रहता है।

वैसे तो अंडे मुर्गी से ही आते हैं, लेकिन अंडे पाने के लिए मुर्गी को मारने की जरुरत नहीं होती है जबकि मछलियों का अंडा हासिल करने के लिए उन्हें मरना पड़ता है। अनेक खाद्य विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी पशु से प्राप्त होने वाला हर उत्पाद मांसाहारी नहीं होता, इसका सबसे अच्छा उदाहरण दूध है।

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अंडे में तीन भाग होते हैं -

अंडे का खोल या कवच (Shell), सफेद हिस्सा (Albumen) और पीली जर्दी (Yolk)। अंडे के सफेद हिस्सा, पानी और प्रोटीन (Albumen) से मिलकर बना होता है और इसमें कोई भी पशु कोशिका मौजूद नहीं होती है। मतलब ये कि अंडे की सफेदी शाकाहारी होती है और अंडे की सफेदी से बनने वाले सभी उत्पाद तकनीकी रूप से शाकाहारी होते हैं।

अब आते हैं अंडे के अंदर वाले पीले भाग (Yolk) पर, जिसे हम जर्दी भी कहते हैं। अंडे की जर्दी का अधिकांश भाग पानी में वसा, कोलेस्ट्रॉल और प्रोटीन का निलंबन होता है। अब चूंकि इसमें मौजूद युग्मक कोशिकाओं को अंडे के पीले हिस्से अर्थात जर्दी से पूरी तरह से अलग नहीं किया जा सकता है, शायद इसलिए अंडे के पीले हिस्से या जर्दी की वजह से बहुत से लोग अंडे को मांसाहारी भोजन मतलब नॉन-वेज आहार मानते हैं।

विभिन्न वैज्ञानिक शोधो के अनुसार अंडा खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना गया है अंडे में 9 तरह के अमीनो एसिड्स होते हैं यह विटामिन A, A12,B, B12, विटामिन D और E के अलावा फोलेट, सेलेनियम जैसे कई खनिज लवणों का अच्छा स्त्रोत होता है अंडे में मौजूद ओमेगा 3 और कॉलिन से दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ती है। गर्भावस्था में अंडा खाना सेहतमंद पाया गया है और यह गर्भ में पल रहे शिशु के संपूर्ण विकास में मदद करता है अंडा प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्त्रोत है, इसका प्रयोग एनर्जी बूस्टर के रूप में भी किया जाता है 

चलते चलते आपको बता दें कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश अंडे प्रजनन के लिए अयोग्य होते हैं, इसलिए इस बात की शायद ही कोई संभावना है कि बाजार में मिलने वाले इन अंडों से कोई चूजा बाहर आ सकता है।