रायपुर। गांधी जी के स्वच्छता मिशन से प्रभावित होकर बस्तर के एक मैकेनिकल इंजीनियर और उनकी टीम ने एक ऐसी इको-फ्रेंडली सायकिल बनाई है, जो पर्यावरण सहित कई दृष्टि से बेहद फायदेमंद है। खास बात यह है कि फ्यूरोबाइक नामक इस सायकिल में बैटरी और पैडल दोनों के ऑप्शंस हैं। बैटरी 3 घंटे में फूल चार्ज होती है, जो 25 किलोमीटर चलती है। फ्यूरोबाइक की स्पीड 25 किलोमीटर प्रतिघंटा है।

जगदलपुर के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले आदित्य प्रकाश और उनकी टीम ने यह सायकिल बनाई है। उन्होंने इसकी खासियत बताई कि यह फ्यूरोबाइक आने वाले समय का एक सर्वश्रेष्ठ वैकप्लिक ऊर्जा वाहन है, जिसके लिए न तो पट्रोल की जरूरत होगी, न ही हादसों का डर होगा। इस फ्यूरोबाइक में 250 वॉट का ट्रैक्शन मोटर लगा है, जो सायकिल को गति देता है। 24 वोल्ट की बैटरी सायकिल को ऊर्जा देती है।