नक्सल

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By पुनेश यादव

कांकेर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर में माओवादियों ने सड़क निर्माण कार्य का विरोध करते हुए जेसीबी मशीन को आग लगाई है। कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के चिलपरस के पास पनीडोबीर गांव में रहने वाले आदिवासियों के लिए सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आज सुबह 6.30 बजे नक्सलियों ने जेसीबी मशीन में आग लगा दी और ड्राइवर का अपहरण कर अपने साथ जंगलों में ले गए हैं। कांकेर के पुलिस अधीक्षक कन्हैयालाल ध्रुव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य का विरोध किया है और जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी जेसीबी मशीन के ड्राइवर को अपने साथ ले गए हैं।

पुलिस ने आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले नक्सलियों की तलाश शुरू कर दी है। बता दें कि कांकेर का पनीडोबीर क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है और इस इलाके में आवागमन के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में जंगलों में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कांकेर

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By पुनेश यादव

कांकेर। जाड़ेकुर्से में बीएसएफ 82वीं बटालियन के द्वारा सीविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को इस कार्यक्रम का शुभारंभ बुजुर्ग राजूराम गावड़े के हाथों रिबन कटवाकर किया गया। बिएसेफ़ के जवानों ने लोगों और स्कूली बच्चों को विभिन्न सामाग्री वितरित की, साथ ही ग्राम प्रमुखों को शॉल से सम्मानित किया।

प्रभारी कमांडेंट विजेंद्रनाथ गंगोली ने कहा कि-‘हमारी बटालियन की तैनाती जून 2018 से हुई है, तब से क्षेत्र में कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। यह सब आप सबके सहयोग और जवानों की लगातार प्रहरी के चलते हुआ है। साथ जवानों के रहते सिलपट से जाड़ेकुर्से तक रास्ता लगभग बन गया है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों और फोर्स के संबंध अच्छे हो सके और एक दूसरे का सहयोग करें। वितरित की गयी सामग्री में सिलाई मशीन भी था जिससे बहनें रोजगार से भी जुड़ सकते हैं।

बालिकाओं को शिक्षा के प्रति बढ़ावा के लिए सायकिल भी दी गई। साथ ही स्वच्छता का भी संदेश दिया गया। शराब का सेवन युवा न करें इसके बारे में भी लोगों को हिदायत दी जा रही है। वातावरण को संतुलित रखने के लिए वनों की कटाई न की जाये और किसी भी तरह से नक्सलियों की सहायता ना करें और प्रदेश के उत्थान में सहयोग दें। प्राचार्य आरएल जैन, सरपंच देवजी देहारी ने भी जवानों की कार्यों की सराहना की।

कार्यक्रम में क्षेत्र के जाड़ेकुर्से सहित भेलवापानी, सिलपट, बेलदोह, भेजा, गुमड़ी, मेरेगांव, डंडाईखेडा कुल 8 गांव के 12 स्कूलों के बच्चे व ग्रामवासियों को सिलाई मशीन, साइकिल, सोलर लाइट टेबल बेंच, साल, साड़ी, सूट फुटबॉल, वालीबॉल, हैंडबॉल, कैरम बोर्ड, पानी की टंकी, लेखन समाग्री, दरी, कारपेट, टॉर्च, लाइट, स्प्रे मशीन, चप्पल, स्टैंड पंखा, मच्छरदानी, छाता आदि वितरण किया गया। इस दौरान सियाराम जैन, थाना प्रभारी लोहत्तर शक्ति सिंह, केएन राय, हशोवक्मी केशरिंग, धरमवीर पासवान, टीएल चंद्राकार, लाल रिंगशन, केआर चैधरी, हरि सिंह, कुलदीप कुमार, डीके सिंह, मूलचंद आदि उपस्थित थे।

भटके हुए लोग आत्समर्पण करें

कमांडेंट गांगोली ने कहा कि ऐसे व्यक्ति जो अपने पथ से भटककर नक्सली ग्रुप में शामिल हो गये हैं, उन्हे आत्म समर्पण कर विकास के मुख्यधारा से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करें। यहाँ सीमा सुरक्षा बल के तैनाती होने पर नक्सलियों का लगभग पूरी तरह से सफाया हो गया है, जिससे अप्रिय घटनाओं की संख्या में काफी कमी आई है। लोग बिना किसी भय के चैन की नींद सो रहे है, ऐसे में जो भी नक्सलियों के संपर्क में हैं वे आत्म समर्पण कर सकते है और उन्हें शासन की योजना के अनुसार पुनर्वास की सुविधा भी उपलब्ध करवायी जाएगी।

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बस्तर संभाग

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। पुलिस ने 4 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने 2 इनामी सहित इन चार नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक नक्सली पर तीन लाख तो एक नक्सली पर एक लाख का इनाम घोषित है।

यह घटना सुकमा जिले के पुसपाल की है। जानकारी के अनुसार जिला पुलिस बल और डीआरजी की संयुक्त टीम एरिया डोमिनेशन के लिए ग्राम तुलसी, गिरमिटी, दलदली की ओर रवाना हुई थी। इस दौरान ग्राम तुलसी के जंगल में चार संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर दबोचा गया। ये चारों नक्सली गतिविधियों में लिप्त थे।

पकड़े गए नक्सलियों में एलओएस डिप्टी कमांडर पोडियामी गंगा पर 3 लाख का इनाम है और डीकेएमएस सदस्य मांगू धुरवा पर 1 लाख का इनाम है।  उनके साथ कोंदा मरकाम और वैशाख धुरवा को भी गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से एक नाग टिफिन बम, 20 मीटर वायर, नक्सली साहित्य इलेक्ट्रोनिक डेटोनेटर, कोडेक्स वायर सहित अन्य सामग्री बरामद की गयी है।

राजनांदगांव

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राजनांदगांव । नक्‍सलियों ने एक बड़े से गड्ढ़े में इतना सामान छिपा रखा था जिससे उनका पूरा कैंप संचालित हो सके। इसमें कई लोगों के कपड़े, बड़ी तादाद में दवाएं, किताबें, इंजेक्‍शंस, झंडे वगैरह सुरक्षा बलों को बरामद हुए हैं।

थाना साल्हेवारा से जिला बल, छत्‍तीसगढ़ सुरक्षा बल और स्‍पेशल टास्‍क फोर्स की संयुक्त पार्टी बकरकट्टा क्षेत्र में सर्चिंग हेतु निकली थी। सर्चिंग के दौरान परसाही एवं मण्डीपखोल के बीच पहाड़ी जंगल में माओवादियों का एक गड्ढ़े नजर आया।


पहले टीम को इसमें विस्‍फोटक होने का शक हुआ। इसे बेहद सावधानी से चेक किया गया तो अंदर एक प्‍लास्टिक की बड़ी पानी की टंकी मिली जैसी छतों पर लगाई जाती है। इसके अंदर से फोर्स को 2नग कुकर, नक्शा, कैमरा फ्लैस, नक्सल साहित्य, वर्दी, पिट्ठू, स्टेशनरी सामग्री, जीपीएस गाईड बुक, मेडिकल सामान एवं भारी मात्रा में दैनिक उपयोग की चीजें मिलीं। नीचें देखें वीडियो

बरामद सामान की लिस्‍ट


वीडियो

बलरामपुर

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By अरुण सोनी

बलरामपुर। जिले में पहले बाक्साईट माईन्स और सड़क निर्माण में लगे वाहनों को आगजनी कर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम ने 5 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है और इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री भी जब्त किया है। गिरफ्तार किए गए नक्सली कुछ बलरामपुर जिले के सबाग के रहने वाले हैं तो कुछ झारखंड के रहने वाले हैं।

सरगुजा आईजी हिमांशु गुप्ता ने बताया कि इनका मुख्य उद्देश्य लेवी वसूली और दहशत फैलाना था। पुलिस अब इनके सरगना की जल्द गिरफ्तारी की बात कह रही है। लगभग एक दशक तक नक्सली का दंश झेल चुके बलरामपुर जिले में पिछले कुछ सालों से लोग चैन की सांस ले रहे थे लेकिन साल 2019 की शुरुआत में ही लगातार हुए दो नक्सली घटनाओं ने सबका चैन छिन लिया था। पहले सामरी थाना क्षेत्र में 3 जनवरी को नक्सली उत्पात उसके बाद 25 जनवरी को चांदो थाना क्षेत्र में नक्सली उत्पात ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी थी। लगातार हुई वारदातों के बाद पुलिस की टीम हरकत में आई और पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा ने खुद इसमें संज्ञान लेते हुए मोर्चा संभाला, सारे मुखबिर अलर्ट किए गए और फिर सायबर सेल की टीम ने अपना काम शुरु किया।

नक्सलियों का मुख्य ध्येय लेवी वसूलना था इसलिए वे लगातार ठेकेदार के साथ फोन से संपर्क में थे। पुलिस को इसी का फायदा मिला और पुलिस ने सामरी थाना क्षेत्र में रहने वाले नक्सली साथी बालेश्वर को हिरासत में लिया। बालेश्वर को हिरासत में लेने के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी और उसी की निशानदेही पर पुलिस ने चार ओर नक्सलियों को पकड़ने में सफलता हासिल किया। आईजी ने बताया की नक्सली घटना को बिल्कुल नौसिखये अंदाज में अंजाम दिया गया था। उनके द्वारा छोड़े गये पर्चे में लिखी गई बात भी बिल्कुल नई थी। आईजी के निर्देश पर पुलिस की टीम ने इन्हीं बातों पर कार्रवाई शुरु की और ठेकेदारों से पूछताछ में पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सली लगातार पैसे की मांग के लिए इनके संपर्क में थे।

आईजी ने बताया की पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण नक्सलियों के पास पैसे की काफी तंगी हो गई थी और उनका मुख्य काम लेवी वसूलना था। पुलिस और सायबर की टीम ने पांच नक्सली बालेश्वर, गुड्डू तिग्गा, चिंतामणी यादव, सतीस यादव और संतोष यादव की गिरफ्तारी की। उनसे पूछताछ में पता चला की इनका मास्टरमाईड झारखंड का रहने वाला रंजन यादव है। उसी ने इनको अपने पास बुलाकर पहले मीटिंग ली और फिर पूरा षडयंत्र रचा। आईजी ने बताया की रंजन यादव पूर्व में कई नक्सली संगठन पीएलएफआई,एमसीसी,टीएसपीसी में काम कर चुका है और गिरफ्तार किए गए नक्सली भी इन्ही संगठनों में काम करते थे। पुलिस ने नक्सलियेां के पास से 4 देशी कट्टा,19 नग जिंदा कारतूस, 5 जोड़ी वर्दी, तीनों नक्सल संगठन के 180 नग पर्चा और पीएलएफएफआई का एक रसीद बुक जब्त किया है। पुलिस ने उनके पास से लुटे गये दो मोबाईल और दो सिम भी जब्त किया है।

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