नई दिल्ली। गंगा सफाई के अग्रेता और पर्यावरणविद् प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का 86 साल की उम्र में निधन हो गया है। जीडी गंगा सपाई को लेकर आंदोलन की शुरुआत की थी और पिछले 112 दिनों (22 जून) से अनशन पर थे। 9 अक्टूबर से काना पीना बंद कर दिया था। इसके बाद उन्हें ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को अस्पताल मं निधन हो गया। 

अग्रवाल गंगा को अविरल बनाने के लिए लगातार कोशिश में लगे हुए थे। अग्रवाल गंगा और इसकी सह-नदियों के आस-पास बन रहे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के निर्माण को बंद करने और गंगा संरक्षण प्रबंधन अधिनियम को लागू करने की मांग कर रहे थे। अग्रवाल कानपुर के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के फैकल्टी मेंबर थे। 

अग्रवाल  ने गंगा संरक्षण प्रबंधन अधिनियम पर कहा था कि अगर इसे पारित किया जाता है तो गंगाजी की ज्यादातर समस्याएं लंबे समय के लिए खत्म हो जाएंगी। मै अपना अनशन उस दिन तोडूंगा जिस दिन ये विधेयक पारित हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो कई लोग मर जाएंगे। अनशन के दौरान जीडी अग्रवाल ने कहा था कि हमने प्रधानमंत्री कार्यालय और जल संशाधन मंत्रालय को कई पत्र लिखे लेकिन किसी ने भी जवाब देना उचित नहीं समझा।अब मैंने निर्णय लिया है कि इस तपस्या को और आगे ले जाऊंगा और अपने जीवन को गंगा नदी के लिए बलिदान कर दूंगा। मेरी मौत के साथ मेरे अनशन का अंत होगा।