By वाहिद खान



मनोरा सरकारी स्कूलों की स्थिति हमेशा से चिंतनीय बनी हुई है, कहीं बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं है, तो कहीं स्कूल प्रबंधन जर्जर हो चुका है।कुछ ऐसी ही हालत मनोरा के सरकारी  इंग्लिश मीडियम स्कूल में बनी हुई है

मनोरा विकासखंड में सरकारी स्कूल का संचालन 2018 के जून महीने से शुरू कर दिया गया है। ग़रीब पालकों द्वारा मांग किया जा रहा था कि सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल होना चाहिए। गवर्नमेंट ने फैसला लिया कि ब्लॉक स्तर में प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूल दोनों ही इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने का निर्णय ले लिया और ब्लॉक स्तर में इंग्लिश मीडियम स्कूल तो खुल गया लेकिन वहां भी हिंदी मिडियम के टीचर के द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। पालकों का कहना है कि अगर इंग्लिश टीचर आ जाते हैं तो बच्चों के हित में और भी अच्छा होता जिससे धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती।

इस मामले में ABEO रवि कुमार गौतम ने कहा कि इंग्लिश टीचर की  कमी है और अगर इंग्लिश टीचर आ जाते है तो बच्चों की भी धीरे धीरे जनसंख्या बढ़ेगी।