•ज़कारिया अल-जबर की हत्या एक टैक्सी चालक ने कथित तौर पर सऊदी अरब के मदीना शहर में कर दी।

• शिया राइट्स वॉच ने घटना की निंदा करते हुए इसे सांप्रदायिक हिंसा बताया है।

• हमला करने से पहले हमलावर ने माँ से पूछा "क्या वो शिया मुसलमान हैं?"

नई दिल्ली। 6 साल के मासूम ज़कारिया अल-जबर के सामने अभी मज़हबी इल्म हासिल करने को एक लम्बा अरसा बचा था। ज़कारिया अल-जबर अपनी मां के साथ एक टैक्सी में इत्मीनान से बैठकर सफ़र कर रहा था। टैक्सी मदीना में मौजूद पैगंबर मुहम्मद की मज़ार की ओर बढ़ रही थी। तभी एक कार तेजी से टैक्सी की तरफ आई और उसे चला रहे शख़्स ने टैक्सी में बैठे ज़कारिया अल-जबर को बाहर खींच लिया। 

इससे पहले कि किसी को कुछ समझ आता, कार चालक उसे घसीटकर  अल-तिलल इलाके में मौजूद एक कॉफ़ी शॉप की तरफ ले गया। पलक झपकते ही उसने कांच की एक बोतल को तोड़कर उसके धारदार टुकड़े से गला रेतकर 6 साल के ज़कारिया अल-जबर की हत्या कर दी।

इस दौरान ज़कारिया अल-जबर की मां ने चिल्लाते हुए हमलावर को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन अपने बेटे की हालत देखकर बेसुध होकर गिर पड़ी। उधर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नज़दीक ही मौजूद एक पुलिसकर्मी ने भी उस आदमी को बच्चे पर हमला करने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह भी बच्चे को बचाने में असफल रहा। इस दौरान हमलावर ने चाकू से भी कई हमले किये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ज़कारिया अल-जबर और उसका परिवार सऊदी अरब में अल्पसंख्यक माने जाने वाले शिया समुदाय से आते हैं। हांलाकि इससे पहले भी अल्पसंख्यक शिया समुदाय की सुरक्षा को लेकर सऊदी अरब पर सवाल उठते रहे हैं। 2016 में शिया धर्मगुरु शेख अल निम्र और 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थीं। TMV के अनुसार इस खौफ़नाक हत्याकांड की अब तक की जांच में इस मामले में साम्प्रदायिक हिंसा होने को लेकर सऊदी अरब के पुलिस विभाग द्वारा कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।