वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबे शटडाउन का असर अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सरकारी आवाज व्हाइट हाउस पर पड़ने लगा है। बीते कुछ महीनों से सैलरी नहीं मिलने के बाद व्हाइट हाउस किचेन के शेफ छुट्टी पर चले गए हैं। इससे व्हाइट हाउस किचेन ठप हो गया। पहले से लंच या डिनर का निमंत्रण पा चुके मेहमानों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने फास्टफूड का इंतजाम करते हुए पिज्जा और बर्गर खिलाना शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि पिछले महीने अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने संसद से 5.7 बिलियन डॉलर अथवा 40 हजार करोड़ रुपये की मांग की थी। लेकिन राष्ट्रपति की इस मांग को संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने ठुकरा दिया और इसके साथ ही अमेरिका में शटडाउन का ऐलान हो गया। मौजूदा शटडाउन अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा शटडाउन हो गया है। अमेरिका में शटडाउन अपने 22वें दिन में सोमवार को पहुंच गया है। इससे पहले राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल में हुआ सबसे लंबा शटडाउन 21 दिनों तक चला था।

सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कॉलेज फुटबाल चैंपियनशिप की विजेता टीम क्लेमसन टाइगर्स को व्हाइट हाउस लंच पर बुलाया था। लेकिन उसी दिन बिना सैलरी के काम करने से मना करते हुए व्हाइट हाउस किचेन के शेफ छुट्टी पर चले गए।

इस स्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस डाइनिंग रूम में मेहमानों के लिए फास्टफूड ऑर्डर करते हुए पिज्जा, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज का इंतजाम करा दिया। खास बात यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह ऑर्डर अपने पैसे से मंगाया और इसके लिए कोई बिल व्हाइट हाउस में नहीं लगाया।

अमेरिका में शटडाउन शुरू हो गया

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ते समय वादा किया था कि राष्ट्रपति चुने जाने पर वह पड़ोसी देश मेक्सिको से अमेरिका में अवैध एंट्री करने वालों को रोकने के लिए सरहद पर दीवार का निर्माण कराएंगे। लिहाजा, राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने इस दिशा में कदम बढ़ाया लेकिन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए संसद से अतिरिक्त बजट की मांग की जिसे डेमोक्रैट पार्टी के सांसदों ने रोक दिया। इसके बाद अमेरिका में शटडाउन शुरू हो गया। हजारों की संख्या में सरकारी कर्मचारियों को घर खर्च की समस्या खड़ी हो चुकी है क्योंकि इन 22 दिनों के दौरान उन्हें वेतन नहीं दिया गया है। बीते हफ्ते आए आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में कुल 8 लाख सरकारी कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला जिसके बाद लाखों की संख्या में कर्मचारी छुट्टी पर घर बैठ गए हैं वहीं अन्य बिना सैलरी के काम करने पर मजबूर हैं।