By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष व जिला प्रशासन, समाजसेवी द्वारा महारानी अस्पताल को 4 डायलिसिस मशीन की सौगात दी थी। इस डायलिसिस मशीन को चलाने के लिए टेक्निशियन भी रखा गया था। लेकिन विगत कुछ माह से टेक्निशियन द्वारा मरीजों व उनके परिजनों से सामान मंगाने के नाम पर पैसे लेने की बात भी सामने आई है। वहीं इस मामले को लेकर एर्राबोर कोटा में रहने वाले एक मरीज ने मामले की शिकायत सिविल सर्जन से भी की है। मामले को लेकर अधिकारी जानकारी लेने में भी जुट गए हैं।

मामले की जानकारी देते हुए एर्राबोर कोंटा से आए दीपेश ने बताया कि वह कई महीनों से यहां पर डायलिसिस करा रहा है। लेकिन हर बार उसे इसके लिए साढ़े नौ सौ रुपए चुकाने भी पड़ रहे हैं। जब उन्‍होंने इन पैसों के बारे में जानकारी ली तो टेक्निशियन का कहना था कि सामान की पूर्ति नहीं होने के कारण वह पैसे ले रहा है। इसके अलावा कई बार अपनी जेब से पैसे देकर सामान लाया हूं, कहकर भी मरीजों से पैसे लेता रहा है।

दीपेश ने यह भी बताया कि कई बार तो सुबह बुला लेने के बाद भी दोपहर तक टेक्निशियन पीलू राम बघेल नहीं आता है। जिसके चलते उसे निजी अस्पतालों में जाकर डायलिसिस कराना पड़ता है। दीपेश ने इस मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉक्टर विवेक जोशी से भी शिकायत दर्ज कराई। जिस पर उन्होंने कहा कि यह डायलिसिस पूरी तरह से निशुल्क है। उसे पैसे नहीं लेना चाहिए। डायलिसिस वार्ड में अब एक लेटर चस्पा किया जाएगा, जिसमें इस बात को लिखा जाएगा कि अगर कोई भी मरीज से पैसा लेता है तो इसकी जानकारी या शिकायत सिविल सर्जन के दिए गए नंबर पर सीधे दे सकता है। इसके अलावा दिए हुए पैसे तो वापस नहीं करा सकता, लेकिन आने वाले दिनों में मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।