रमेश गुप्ता

भिलाई। शुक्रवार को भिलाई श्रमिक सभा (एचएमएस) ने बीएसपी कर्मचारियों के बीच जनसंपर्क किया और उन्हें सेल पेंशन स्कीम की जानकारी दी तथा प्रबंधन पर कर्मचारियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए परचा जारी किया गया जिसमें पिछले 2 वर्षों से यूनियन की उपलब्धियों एवं सार्थक प्रयासों की जानकारी दी गई।

‘नई सोच नई दिशा’ कार्यक्रम के अंतर्गत सुबह 6 बजे कर्मचारियों के बीच जनसंपर्क किया गया। साथ ही कोकोवन विभाग के कर्मचारियों से मुलाक़ात की। इस मौके पर यूनियन ने बताया कि सेल पेंशन स्कीम में प्रबंधन 2012 से 6% का योगदान दे रहा है। यदि पेंशन फण्ड की राशि दो लाख से ऊपर है तो कर्मचारी की सेल पेंशन स्कीम में रहने की बाध्यता है, यदि पेंशन फंड में राशि दो लाख से कम है तो इन कर्मचारियों को स्कीम में रहने की बाध्यता नहीं है वे राशि को वापस ले सकते हैं।

भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र द्वारा जारी बयान के अनुसार एसईएसबीएफ की राशि कर्मचारी को सेल पेंशन स्कीम में जमा करने की राय दी है। एचएमएस यूनियन ने सीटू को खुले मंच पर इस विषय पर चर्चा की चुनौती दी है। एचएमएस का मानना है कि कर्मचारी को यह राशि सेल पेंशन फंड में नहीं जमा करनी चाहिए। सीटू यूनियन कर्मचारियों को गुमराह ना करें क्योंकि किसी भी बैंक में एमआईएस में 8.5% ब्याज मासिक मिल जाता है एवं मूल राशि पर भी कर्मचारी का अधिकार रहता है मात्र 1% ज्यादा ब्याज के लिए कर्मचारी को अपनी मूल राशि पर से अधिकार खोना पड़ेगा।

यूनियन ने कर्मचारियों को बताया की भिलाई श्रमिक सभा (एचएमएस) किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ाव नहीं रखती। इस मौके पर यूनियन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को अपने पूर्व के कामों से अवगत कराया। मौके पर भिलाई श्रमिक सभा (एचएमएस) के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र, उपमहासचिव हरीराम यादव, उपमहासचिव हेमंत महोबिया, यूनियन प्रवक्ता साजिद खान मौजूद थे।