नई दिल्ली। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करवाने के लिए भारत ने अबकी बार पूरी तैयारी कर ली है। पहले कई बार ऐसा हुआ है कि चीन सबूत ना होने का बहाना बनाकर अपना वीटो पावर का इस्तेमाल मसूद अजहर के हक में करता है, लेकिन इस बार उसके लिए ऐसा करना आसान नहीं होगा, क्योंकि भारत कई ऐसे सबूत UNSC में रखने वाला है जो मसूद अजहर की मुश्किलें बढ़ाएंगा।

भारत UNSC में इन सबूतों को पेश करेगा। पुलवामा आतंकी हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के उस भाषण को सबूत के तौर पर दिया जाएगा जिसमें वह आदिल अहमद डार की तारीफ कर रहा है। आदिल अहमद डार ने ही पुलवामा में हमला किया था। इसके अलावा अल कलाम में छपे इस लेख को भी पेश किया जाएगा जिसमें मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ और साले युसुफ अजहर के बालाकोट कैंप में होने की पुष्टि की गई थी। बालाकोट कैंप को ही भारत ने अपनी एयरस्ट्राइक में ढेर किया था।

मसूद अजहर के भाषणों के ऑडियो, वीडियो क्लिप भी सबूत के तौर पर रखे जाएंगे। इनमें वह बालाकोट कैंप में आए नए आतंकियों को भड़काऊ भाषण दे रहा है। पुलवामा आतंकी हमले को लेकर डोजियर भी पेश किया जाएगा, जिसमें पुख्ता सबूत हैं कि इसकी साजिश जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तानी जमीन से ही रची थी। एक डोजियर इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान को सौंपा जा चुका है, जो कि इस बात की पुष्टि करता है कि भारत ने इससे पहले भी कार्रवाई की अपील की थी।

एक वीडियो साझा किया गया है जिसमें पुलवामा आतंकी हमले का हमलावर आदिल अहमद डार पुलवामा को लेकर बातें कर रहा है और हमले में जैश-ए-मोहम्मद का ही हाथ थी। जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कामरान के फोन इंटरसेप्ट को भी सबूतों में साझा किया गया है। कामरान को भारतीय सुरक्षाबलों ने एक एनकाउंटर में मार गिराया था। कामरान एक पाकिस्तानी आतंकी था, जो कि पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक था। इसके साथ ही भारत कई सबूत पेश करेगा।