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पखांजूर। PV 102 में रहने वाली एक ग्रामीण महिला के द्वारा वन विभाग के कर्मचारी द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। ग्रामीण महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बांदे थाना प्रभारी रोशन कौशिक ने आरोपी वनरक्षक के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीवी 102 कृषकनगर में रहने वाली एक महिला से छेड़खानी के मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने मामले के तूल पकड़ने के डर से ग्रामीणों से साठ गाठ करते हुए आपस में ही मामले को निपटाने का प्रयास किया। 

मामले की गंभीरता को देखते हुए बांन्दे पुलिस ने आरोपी वनरक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है।  

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले को सुलझाने अपनी ड्यूटी छोड़ सरकारी वाहन का निजी उपयोग करते हुए  10 से 12 वन कर्मी ग्रामीणों की मीटिंग में सम्मिलित होने गए थे। बीट सर्किल से वन रक्षको के नदारद रहने का तस्करों ने भरपूर फायदा उठाया है। ड्यूटी से गायब वनरक्षको पर रेंजर दिलाप सिन्हा समेत वन विभाग के अधिकारियों ने किसी प्रकार की कार्रवाही नही की है।

 वन विभाग के कर्मचारी की इस शर्मनाक हरकत से इस नक्सल प्रभावित गांव में रहने वाले भोलेभाले ग्रामीणों में डर समा गया है। उम्मीद है कि वन विभाग के अधिकारी यहाँ मौजूद वन क्षेत्र की रक्षा के साथ ग्रामीणों की भी सुध लेंगे।

मिथुन मंडल की रिपोर्ट

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जगदलपुर। बस्तर पुलिस और साइबर सेल की वजह से 2 युवक ना सिर्फ ठगी से बच पाए, बल्कि ठगे गये पैसे भी वापस मिल गये। जानकारी के अनुसार युवकों से एक एप्लीकेशन के माध्यम से हजारों रूपये की ठगी की गई थी।

मामले के बारे में जानकारी देते हुए नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के मुताबिक प्रार्थी संतोष चौधरी ने बताया कि ओएलएक्स पर रेफ्रिजरेटर बेचने के लिए विज्ञापन दिया गया था, जिसके बाद मोबाईल नंबर 7575991411 के धारक ने सीआरपीएफ का फर्जी जवान बनकर रेफ्रिजरेटर खरीदने का सौदा 15 हजार 500 में किया गया।

फर्जी जवान ने गूगल पे के माध्यम से पैसे का भुगतान करने के लिए एप्लिकेशन को भेजने के बाद प्रार्थी को क्लिक करने की बात कही, जिसके बाद जैसे ही संतोष ने क्लिक की, उसके खाते से 15,500 रूपये कट गये, वही एक अन्य मामले में 22 अगस्त को देवनाथ मंडावी निवासी मेन रोड बस्तर के पास फोन नंबर 7686888518 के धारक ने बैंक मैनेजर बनकर एटीएम कार्ड ब्लॉक होने के नाम पर खाते से 20 हजार रुपये की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली थी, दोनों मामलों को बस्तर पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की मदद से पेमेंट गेटवे से सम्पर्क करते हुए 35 हजार 520 रुपये प्रार्थी के खाते में वापस कराया।

सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि- 'समय पर शिकायत मिलने पर पेमेंट गेटवे से संपर्क कर प्रार्थियों को उनके पैसे वापस दिलाया गया।' 

संतोष ठाकुर की रिपोर्ट 

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23 अगस्त  को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ को दो श्रेणियों में मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार

रायपुर। पोषण अभियान में उल्लेखनीय कार्य के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा। नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित कन्वेंशन हाल में 23 अगस्त को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। पोषण अभियान की दो विभिन्न श्रेणियों में छत्तीसगढ़ राज्य ने पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

पोषण अभियान के ग्रुप-ए के तहत समेकित बाल विकास सेवा में प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए और आंगनबाड़ी केन्द्रों में सतत् सीख प्रक्रिया, क्षमता विकास,अभिसरण, समुदाय आधारित गतिविधि संबंधित दो श्रेणियों में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। 

इसके अलावा भारत सरकार द्वारा श्रेष्ठ जिला के रूप में दुर्ग और श्रेष्ठ विकासखंड के रूप में करतला (कोरबा) तथा श्रेष्ठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम के दल के रूप में जिला सरगुजा (बतौली) एवं जिला दुर्ग (पाटन) का चयन किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम दल को भारत सरकार द्वारा प्रति दल, 2.5 लाख रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जायेगी।

गौरतलब है कि पोषण अभियान में प्रमुख 06 घटक है जिनमें पहला घटक इन्सेन्टिव अवार्ड (प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार) है। इस घटक में समय सीमा में उल्लेखनीय प्रर्दशन करने वाले राज्य, जिला, विकासखंड और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पर्यवेक्षक, एएनएम को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

राज्य स्तर पर बेहतर प्रर्दशन करने के लिये छत्तीसगढ़ का चयन 02 श्रेणियों में किया गया है। पहली श्रेणी आईसीडीएस-कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। इसके तहत राज्य के सात जिलों रायपुर, दुर्ग, महासमुन्द, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में आईसीटी-आरटीएम सिस्टम लागू है इसके माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीधे मोबाईल से डेटा भारत सरकार के सर्वर पर भेजती हैं और सीधे ऑनलाइन डिजिटल मॉनिटरिंग की जाती है।

सभी सात जिलों में लगभग 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से 01 वर्ष डाटा प्रेषित किया तथा इन आंगनवाड़ी केन्द्रो में 10 प्रकार की पंजियों का उपयोग बंद हो गया है, इस प्रकार डिजिटाईजेशन की ओर यह अभिनव पहल है।

राज्य को पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ती पत्र एवं 50 लाख रू. की राशि प्रदान की जाएगी। ग्रुप-ए में राज्य को द्वितीय श्रेणी का यह पुरस्कार प्राप्त होगा। दूसरी श्रेणी सतत् सीख प्रक्रिया, क्षमता विकास,अभिसरण, समुदाय आधारित गतिविधि है। राज्य के सभी 27 जिलों में समय आधारित लक्षित कार्य के लिए राज्य को ग्रुप-ए में द्वितीय श्रेणी से पुरस्कृत किया जा रहा है। राज्य को प्रशस्ती पत्र एवं 50 लाख रू. की राशि पुरस्कार स्वरूप भारत सरकार द्वारा दी जाएगी।

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