भोपाल। दुनिया भर में देश का नाम रोशन करने वाली जूनियर महिला हॉकी टीम की प्लेयर खुशबू खान को आश्वासन देने के 1 साल बाद भी मकान नहीं मिला। एक साल पहले निगम ने उनके घर के बाहर का टॉयलेट तोड़ा, घर भी तोड़ना चाहते थे। लेकिन खुशबू की गुहार और देश के लिए उनके योगदान के एवज में अफसरों और महापौर ने उन्हें पक्के घर का आश्वासन दिया लेकिन सालभर बाद भी यह पूरा नहीं हो सका। आपको बता दें कि अर्जेंटीना के यूथ ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली जूनियर महिला हॉकी टीम में भोपाल की खुशबू खान का अहम रोल था।



खुले में शौच जाने को मजबूर

खुशबू जहांगीराबाद स्थित वेटनरी कॉलोनी परिसर में अपने परिवार के साथ रहती है। खुशबू ने कहा- हमारा शहर देश के सबसे स्वच्छ शहर में दूसरे पायदान पर है। मेरा दर्द इतना है कि ओडीएफ का तमगा मिलने के बाद भी यहां कई जगह अनदेखी है। मैं और मेरा परिवार आज भी खुले में टॉयलेट जाने को मजबूर है, क्योंकि ठीक एक साल पहले जनवरी में ही नगर निगम ने मेरे घर के सामने बने टॉयलेट को अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था। इंटरनेशनल खिलाड़ी होने के बावजूद निगम को मुझ पर और मेरे परिवार पर तरस नहीं आया। निगम का अमला तो मेरे पूरे घर को ही तोड़ने पर आमदा था, लेकिन मैंने इसका विरोध किया और एडीएम दिशा नागवंशी, तत्कालीन कलेक्टर निशांत वरवड़े और भोपाल की चौपाल में अपनी परेशानी बताई। उन्हें बताया कि मैं अपनी प्रैक्टिस के लिए हॉकी कैंप में हिस्सा लेने के लिए शहर से बाहर रहती हूं। हर वक्त यह चिंता सताती है कि निगम मेरा घर न तोड़ दे। इसलिए कहीं पर मुझे पक्का मकान दिला दिया जाए ताकि मै बेफिक्र होकर प्रैक्टिस कर सकूं। महापौर ने आश्वासन दिया था कि मुझे पक्का मकान टीटी नगर स्टेडियम के पास दिलाया जाएगा। बकायदा निगम के अपर आयुक्त प्रदीप जैन ने हाउसिंग फॉर ऑल के तहत मकान देने की पात्रता का सर्टिफिकेट भी दिया। उस बात को एक साल बीत चुका है। न मकान मिला और न ही घर के बाहर तोड़ा गया टॉयलेट निगम ने दोबारा बनाया। खुशबू ने बताया कि जूनियर महिला हॉकी टीम की सदस्य हूं। अब भारतीय महिला हॉकी की टीम में सिलेक्शन को लेकर प्रयास कर रही हूं। 


महापौर अशोक वर्मा का कहना है कि-‘शहर की बेटी खुशबू को मकान देने के लिए जो वादा मैंने किया था उसे पूरा करुंगा। अभी तक मकान क्यों नहीं मिला। इसकी जानकारी भी ले रहा हूं। इसकी जांच होगी। खुशबू को जल्द घर दिलाने के लिए अफसरों से बात की जाएगी।