दंतेवाड़ा। विधानसभा प्रथम चरण के लिए मतदान खत्म हो चुका है। चुनाव में खड़े सभी प्रत्याशी अपने-अपने कार्यों में व्यस्त हैं। वहीं देवती महेंद्र कर्मा अपने गृहग्राम फरसपाल के खेतों में धान काटने में अपना पूरा समय दे रही है। विधानसभा सत्र के दौरान बड़े-बड़े नेताओं की बोलती बंद कर देने वाली देवती महेंद्र कर्मा खेतों में काम करते हुए एक साधारण महिला ही नज़र आती है।

देवती कर्मा का जीवन भी सादगी भरा है। धान की कटाई से लेकर मिंजाई व अन्य कार्य देवती कर्मा अपने मजदूर के साथ मिलकर करती हैं। सर पर पल्लू व चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट लेके चलने वाली देवती कर्मा कहती हैं कि मैं एक किसान की बेटी हूं। खेती-किसानी मेरे लिए पूजा करने के समान है। विधायक बनने के बाद अब खेतों में काम करने ज्यादा समय तो नहीं मिल पाता पर जब भी समय मिलता है मैं अपने खेतों में पहुँच जाती हूँ। आज के दौर में देवती कर्मा उन लोगों के लिए एक उदाहरण हैं जो, पद आने पर अपने जल, जंगल, जमीन को भुला देते हैं।

हमेशा घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने वाली और पर्दे के पीछे से राजनीति को देखने वाली कर्मा के लिए विधायकी पद किसी चुनौती से कम नहीं थी। विधायक बनने के बाद जिस तरह का साहस देवती कर्मा ने दिखाया वह काबिले तारीफ है। आज देवती कर्मा उन सभी महिलाओं के लिए एक आइडल बन चुकी है, जो जीवन में आने वाले कठिनाई से डर कर उसका सामना नही कर पाती हैं।