जगदलपुर- संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक के द्वारा ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार यानि 13 नवंबर को जगदलपुर बंद का आव्हान किया गया है, बता दें कि जिसमें समाज के लोगों के साथ व्यापारियों ने भी इसमें अपना समर्थन दिया है.

         गौरतलब है कि बंद के दौरान एक रैली निकाली जाएगी जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर पहुंचेगी. जहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन को बस्तर कलेक्टर को सौंपा जाएगा.

 मामले की जानकारी देते हुए संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने बताया कि अपनी सात सूत्रीय मांग जिसमें ओबीसी संवर्गो को 27% आरक्षण लागू किया जाए, अनुसूचित जाति को पूर्व में दिया गया 16% आरक्षण को पुनः लागू किया जाए, अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित बैंक लॉक के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए, शिक्षित बेरोजगारों के लिए सीधी भर्ती हेतु तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए, आदिवासियों और मूल निवासियों को वन भूमि पट्टा दिया जाए, इसके अलावा मध्य प्रदेश के जनसंख्या आधार पर कर्मचारियों को पदोन्नति नियम लागू किया गया था, लेकिन पृथक छत्तीसगढ़ होने के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने आरक्षित संवर्ग के तृतीय व चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों के लिए संभाग स्तर पर एवं जिला स्तर जनसंख्या के आधार पर पदोन्नति रोस्टर नियम लागू नहीं किए जाने के कारण आरक्षित संवर्ग के कर्मचारियों एवं कार्यपालन अधिकारियों को पदोन्नति वंचित हो जाते हैं, उसे लागू किया जाए. वहीं कुछ लोगों ने आरक्षण के विरोध में हाई कोर्ट बिलासपुर में 13 से अधिक याचिका लगाकर 27% पिछड़े वर्ग के आरक्षण पर रोक लगा दिया गया है, इस रोक को हटाने के लिए और इससे लाभान्वित होने वाले समस्त आरक्षित वर्ग के लोगों ने मोर्चा बनाकर अपने अपने सहभागिता एवं स्थानिक अधिकारों का विरोध करने वालों का विरोध किया है.

          इसी मामले को लेकर बंद के 1 दिन पूर्व सभी कर्मचारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय महादेवा, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, एसडीएम मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिद्धार के मौजूदगी में एक बैठक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित किया गया था, जहां सभी ने बंद कराने की बात कही है, वहीं किसी भी व्यापारी को डराने धमकाने व जबरन बंद नहीं कराने की बात भी कही गई है.