नई दिल्ली। जेट एयरवेज के पायलटों के पायलट संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्डब ने सोमवार को अपील की कि एसबीआई 1,500 करोड़ रुपये जारी करे। आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के लिए पिछले महीने ही कर्ज पुनर्गठन योजना के तहत यह प्रस्तावित किया गया था। जेट एयरवेज ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को 19 अप्रैल तक रद्द कर दिया है। फिलहाल कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में हैं। इससे पहले कंपनी ने सोमवार 15 अप्रैल तक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करने की घोषणा की थी।

जेट एयरवेज के सीईओ विनय दुबे ने कहा कि बैंकों के साथ हुई बातचीत को बोर्ड के समक्ष मंगलवार को रखा जाएगा। कंपनी ने सार्क और आसियान देशों के अलावा टोरंटो और पेरिस की उड़ानों को भी अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया गया है। तीन महीने से वेतन के लिए तरस रहे जेट एयरवेज के पायलटों ने अब नौकरी बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने सोमवार को कहा कि कंपनी का संचालन बंद होता है तो 20 हजार नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। इस मुश्किल से उबारने के लिए प्रधानमंत्री को हाथ बढ़ाना चाहिए।

कंपनी के प्रवक्ता गौरव साहनी ने बताया कि लीजधारकों को बकाया भुगतान नहीं देने के कारण एयरलाइन सिर्फ 6-7 विमानों का ही संचालन कर पा रही है। ये सभी उड़ानें घरेलू रूट पर ही जारी हैं। नकदी की समस्या गहराने से अन्य उड़ानों पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार से अंतरराष्ट्रीय सेवाएं दोबारा बहाल हो सकती हैं।