नई दिल्ली। कांग्रेस के युवा ब्रिगेड के लोकप्रिय नेता और गुना के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया है। लोकसभा मे पार्टी की हुई हार की जवाबदेही लेते हुए सिंधिया ने रविवार को ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी।

कांग्रेस पार्टी मे इन दिनों इस्तीफे का दौर चल रहा है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी के इस्तीफे के बाद कई नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसी कड़ी मे पार्टी के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है। रविवार को ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा- 'जनता के फैसले का सम्मान करते हुए और जिम्मेदारी लेते हुए मैंने कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी पद से इस्तीफा दे दिया है। मैंने राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंपा है। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे पार्टी में जिम्मेदारी दी।'

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ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के ज्योतिरादित्य सूबे में कांग्रेस के एक असरदार नेता माने जाते हैं। उनके पिता माधवराव सिंधिया भी कांग्रेस के बड़े नेताओं में थे। एक प्लेन हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इससे ज्योतिरादित्य राजनीति में आ गए। इसके बाद 2002 से वो लगातार गुना सीट से सांसद बने मगर 2019 के चुनाव मे उन्हें हार का सामना पड़ा था। ये पहला मौका है जब 1957 के बाद सिंधिया परिवार का कोई शख्स संसद में नहीं है।