मुंबई मुंबई से गोवा घूमने के लिए अक्सर लोग ट्रेन में जाने का प्लान बनाते हैं। ट्रेन का सफर बड़ों से लेकर बच्चों तक सबको पसंद आता है। आज तक आपने बहुत सारी ऐसी ट्रेनों का सफर किया होगा जिसकी छत लोहे की होती थी। इस तरह की ट्रेन में बैठने से आप आसमान में उड़ते हुए पंछी और बादलों के नजारे नहीं देख सकते थे। लेकिन आज हम आपको ऐसी ट्रेन के बारे में बता रहे हैं जिसकी छत शीशे की बनी है। एसी विस्टाडोम ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री इस विशेष कोच में रोटेटेबल कुर्सियों पर बैठेंगे। साथ ही इसमें मनोरंजन के लिए हैंगिंग एलसीडी टीवी भी है। 40 सीटों वाले इस कोच की लागत 3.38 करोड़ रुपये है। इस ट्रेन में 360 डिग्री पर घूमने वाली चौड़ी सीटें हैं, जिससे सफर में बाहर के नजारों का बेहतरीन अनुभव मिलेगा।



इस खास कोच को सितंबर के पहले हफ्ते में केंद्रीय रेलवे ने अपने मुख्यालय छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल पर रिसीव किया था। जानकारी के अनुसार मानसून में यह ट्रेन सप्तामह में तीन दिन चलेगी और मानसून खत्म होने के बाद सप्ताह में पांच दिन चलेगी जन शताब्दी एक्सप्रेस के दादर से चलने का समय सुबह 5:25 बजे है और यह उसी दिन शाम 4 बजे तक मडगांव पहुंच जाती है।

विस्टाडोम कोचों को चेन्नई की द इंटीग्रल कोच फैक्ट्री  में बनाया गया है। इन कोचों का किराया शताब्दी एक्सप्रेस के एक्जीयक्यूटिव क्लास जितना होगा। मूल किराए के अतिरिक्त रिजर्वेशन चार्ज, जीएसटी और कोई अन्य‍ चार्ज जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा, इसमें कोई छूट नहीं मिलेगी और सभी यात्रियों को पूरा किराया देना होगा। इसकी न्यूनतम यात्रा दूरी 50 किलोमीटर होगी।