गरियाबंद। इन दिनों गरियाबंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पलायन का दौर जारी है, हालांकि इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि अधिक राशि के फेर में लोग अन्य प्रदेशों में जा रहे हैं। यह पलायन नहीं है, क्योंकि काम की कमी इस जिले में नहीं है। लगातार काम खोले जा रहे हैं, किंतु ग्रामीणों का आंकड़ा देखें, तो लगातार पलायन हो रहा है। स्थिति यह हो गई है कि दलाल किस्म के लोग लगातार घूमकर लोगों को अधिक पैसे का लालच देकर तेलंगाना के जिला पैदापल्ली में ले जाकर मजदूरों को बंधक बनाकर रखे जा रहे हैं, जहां उनसे ईंट भट्ठे में काम कराया जा रहा है। अब बंधक बनाए गए मजदूरों के परिजन जिला प्रशासन से उनकी मुक्ति की गुहार लगा रहे हैं।

कुछ इसी तरह का मामला छुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम डागनबाय का है, जहां के 31 लोग ईंट भट्ठे में काम करने के लिए तेलंगाना प्रदेश के पैदापल्ली नामक जिले में बंधक बने परेशान हैं। इनमें 22 महिला-पुरुष हैं, तो 9 बच्चे भी शामिल हैं। इसकी शिकायत इनके परिजनों ने तहसील कार्यालय में पहुंचकर की, जिसके आधार पर कार्यवाही करते हुए इस संबंध में छुरा थाना को, साथ ही जिला कार्यालय को भी सूचना दी गई। 

जिला प्रशासन की यह टीम रवाना होगी तेलंगानाजिला प्रशासन की यह टीम रवाना होगी तेलंगाना

इस पर जिलाधीश श्याम धावड़े ने तत्काल कार्यवाही करते हुए एक टीम गठित कर तेलंगाना प्रदेश के पैदापल्ली गांव में इन बंधकों को छुड़ाकर लाने की जिम्मेदारी सौंपते हुए एक टीम गठित की है, जिसमें तहसीलदार जगदीश गोस्वामी, श्रम निरीक्षक एसआर पटेल, पुलिस विभाग से सतीश सुनवानी, अरविंद मालवी, पंकज शिंदे के साथ ही जिलाधीश ने तेलंगाना के जिला पैदापल्‍ली के जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजा है। इन बंधकों को छुड़ाने में मदद करने की उम्मीद जताई है। यह दल आज रात 10 बजे ट्रेन से तेलंगाना के लिए रवाना हो गए।

इस संबंध में गरियाबंद जिलाधिश श्याम धावडे से चर्चा करने पर वह कहते हैं कि गरियाबंद जिले में काम की कमी नहीं है। काम काफी संख्या में खोले गए हैं, किंतु कुछ लोग मजदूरों को बहका कर अधिक मजदूरी का लालच देकर लोगों को अन्य प्रदेशों में भेज रहे हैं। इस पर जैसे ही सूचना आ रही है, तत्काल कार्यवाही की जा रही है। मजदूरों के बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलते ही टीम तेलंगाना रवाना कर दी गई है।