By मनोज यादव

कोरबा। हड़ताल के दिनों में संजीवनी और महतारी एक्सप्रेस के लिए जीवीके कंपनी ने दैनिक वेतन भोगी की भर्ती की थी। अब जबकि पुराने कर्मी काम पर लौट आए हैं, तो दैनिक भर्ती वालों को हटा दिया गया है। इन्हें चार से पांच माह का वेतन नहीं मिला है। इसके कारण नए स्टाफ ने पहले तो चाबी देने से इंकार कर दिया पर बाद में वे शांत हो गए।

ज्ञात हो कि जब महतारी और संजीवनी के पुराने कर्मी हड़ताल पर गए, तो कंपनी ने कोरबा में लगभग 35 नए वेतन भोगियों की नियुक्ति कर दी गई। काम पर लिए जाने के बाद इन कर्मियों को 4 से 5 माह का वेतन नहीं मिला है, जबकि हड़ताली कर्मी वापस काम पर लौटे तो दैनिक वेतन भोगी बकाया तनख्वाह के लिए दबाव बनाने गाड़ी की चाबी अपने पास ही रख लिए थे। और वापस लौटे काम पर कर्मियों को चाबी देने से इंकार कर रहे थे। घटना की जानकारी संजीवनी और महतारी एक्सप्रेस के अधिकारियों को दी गई। जहां काफी समझाने के बाद भी कर्मी चाबी देने से इंकार कर रहे थे। इसकी जानकारी 112 को दी गई। 112 की टीम ने दोनों पक्षों को समझाकर गाडि़यों की चाबी को वापस पुराने कर्मियों को दिलाया।

हटाए गए कर्मियों का आरोप है कि नए स्‍टाफ को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी। इन कर्मियों को प्रतिमा 13000 का भुगतान देना है। 4 से 5 माह का वेतन नहीं मिलने के कारण इनके सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द उनका रुका हुआ वेतन उन्हें दिया जाए।GVK