रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  महानदी भवन (मंत्रालय) में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक ली।  उन्होंने कहा कि- युवाओं को रोजगार देना राज्य सरकार की प्राथमिकता हैं, विशेषकर नक्सलवाद से मुकाबले के लिए स्थानीय युवकों को काम देना आवश्यक है। इसके लिए बस्तर सहित अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण कार्य का जिम्मा वहां के स्थानीय युवकों को ही दिया जाए।

उन्‍होंने इस बैठक में कहा कि वहां के आने वाले प्रोजेक्‍ट और जहां काम चालू है ऐसी सड़कों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उस क्षेत्र के युवकों को या उनके समूह को बनाने का काम दिया जाए। साथ ही पैच वर्क या मरम्मत कार्य भी उन्हें ही सौंपे जाए। इसका निरीक्षण विभाग के अभियंता तथा अन्य तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जाए। इससे स्थानीय युवकों को स्वरोजगार मिलेगा, उनकी आय बढ़ेगी और वे मुख्यधारा से जुड़ेगें।

मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण के लिए निर्धारित शर्तों में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों सहित समस्त निर्माण कार्यों में किसी हाल में गुणवत्ता से समझौता किया जाए। जो समय-सीमा तय की जाए, उसके भीतर ही कार्य पूर्ण किया जाए। गुणवत्ता के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय किए जाए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि रायपुर और दुर्ग के मध्य यातायात के दबाव को कम करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर टाटीबंध और चरौदा-भिलाई के मध्य एक समानांतर सड़क बनायी जाए, इससे सड़क दुर्घटना में भी कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि फारेस्ट क्लियरेंस और भू-अर्जन के प्रकरणों के निराकरणों में काफी समय लगता है। इसके लिए संभागायुक्त नियमित अंतराल में बैठक लेकर विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए प्रकरणों का समाधान करें और इसकी जानकारी राज्य सरकार को दे।