रायपुर। आज की लाइफस्टाइल में युवाओं में भारी तनाव देखने को मिलता है। जिसके कारण 18 से 29 साल के उम्र के लड़कों के सुसाइड की खबर सबसे ज्यादा आ रही है।  पहले पढ़ाई का बोझ फिर ऑफिस की लंबी ड्यूटी, काम का बोझ और छुट्टियों की कमी की वजह से 20 से 30 के युवाओं में कई प्रकार की बीमारियाँ देखने को मिली है। युवा ना केवल शारारिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं बल्कि कई मानसिक बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। इन दिनों भारतीय युवाओं में एक और बीमारी तेजी से फैल रही है। यह एक मानसिक बीमारी है जिसने युवाओं की कार्यक्षमता पर असर डाला है।

भारत डिप्रेशन कंट्री के लिस्ट में टॉप पर आता है, जहाँ हर पांच मिनट में कोई न कोई व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार होता है। इसके साथ ही सबसे ज्यादा संख्या में जॉब करने वाले लोग डिप्रेशन के शिकार होते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि हैप्पी लाइफ जीने वाले पुरुषों की संख्या बहुत कम है। बिजी लाइफ जीने वाले पुरुष मानसिक रूप से बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं। ऐसे में इन्हें खुद के बारे में सोचने का वक्त नहीं होता है। स्टडी में बताया गया है कि भारतीय पुरुषों के मुकाबले अन्य देश के पुरुष ज्यादा खुशहाल जिंदगी जीते हैं। 



तनाव से छुटकारा पाने के लिए कुछ लोग नशे का सहारा लेते हैं। जैसे शराब, सिगरेट, अफीम, गांजा के आदि हो जाते हैं। उन्हें इस बात का पता भी नहीं होता की यह उनके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है। ज्यादातर युवा इसलिए डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं क्योंकि वह अपनी बातों को दबाकर रखते हैं। अपनी परेशानियों को किसी के सामने खुलकर नहीं रखते हैं, जिसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। हमारे समाज में पुरुषों पर आर्थिक रुप से बहुत ज्यादा जिम्मेदारी होती है। जैसे एक उम्र के बाद उन्हें खुद के साथ-साथ अपने घर परिवार का भी खर्चा उठाना होता है। साथ में उन्हें अपने भाई-बहन के बारे में भी सोचना होता है। कई बार वो अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से नहीं निभा पाते हैं जिस वजह से ज्यादा तनाव में रहते हैं।