रायपुर। छत्तीसगढ़ के पत्रकार पिछले 9 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को रायपुर स्थित मोतीबाग के प्रेस क्लब में सुंदरकांड महायज्ञ किया जा रहा है। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि यह महायज्ञ इसलिए है, ताकि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को सद्बुद्धि आए। उनका अहंकार खत्म हो, आज से ठीक 9 दिन पहले भाजपा के दफ्तर में रिपोर्टिंग करने गए एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीट दिया गया, क्योंकि उसने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के झगड़े को रिकॉर्ड कर लिया था। पार्टी ने अब तक दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं की है, इसलिए पत्रकार खुद को रामभक्त कहने वाले भाजपाइयों को सद्बुद्धि देने सुंदरकांड कर रहे हैं ।

पत्रकारों का यह विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में जारी है। शनिवार को बिलासपुर में मशाल रैली निकाली गई। इसके अलावा कांकेर, बीजापुर, कोंडागांव, जगदलपुर, राजनांदगांव, कवर्धा, धमतरी, जांजगीर सभी जगह पत्रकार आंदोलन कर रहे हैं।



पत्रकारों का कहना है कि आम आदमी तक खबरें पहुंचाने के लिए पत्रकार पिट रहे हैं, उनकी हत्याएं हो रही है, लिहाजा यह आंदोलन अब जनांदोलन बनता जा रहा है। करीब ढाई सौ से ज्यादा संगठनों ने पत्रकारों के इस आंदोलन को समर्थन दिया है।

प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामू आम्बेडरे, महासचिव प्रशांत दुबे, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर, कोषाध्यक्ष शगुफ्ता शरीन, संयुक्त सचिव गौरव शर्मा एवं अंकिता शर्मा ने कहा कि पत्रकारों का आंदोलन जन आंदोलन बन चुका है, क्योंकि जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकार मारे जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आंदोलन राजनीतिक दलों के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है।